
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Parliament Budget Session: लोकसभा में आज भी कार्यवाही की हंगामेदार शुरुआत हुई। लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य पोस्टर लहराते हुए वेल में आ गए। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप नियोजित तरीके से गतिरोध उत्पन्न करना चाहते हैं, गरिमा नहीं रखना चाहते, तो ऐसा सदन मैं नहीं चला सकता।
लोकसभा स्पीकर ने सदस्यों को दूसरी तरफ जाकर किसी भी तरह की बातचीत करने से भी सख्ती से मना किया और इसके बाद कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। वहीं, राज्यसभा में कार्यवाही की आज शांतिपूर्ण शुरुआत हुई है। राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही चल रही है। शून्यकाल के दौरान सदस्य जनहित से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।
राज्यसभा में कई सदस्यों ने अलग-अलग विषयों पर प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश किए। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सभा की सहमति से सदन की कार्यवाही स्थगित करने की डिमांड की। उपसभापति हरिवंश ने इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से उनकी राय जाननी चाही। किरेन रिजिजू ने भी जयराम रमेश के प्रस्ताव से सहमति जताई। इसके बाद सभा की सहमति से उपसभापति ने कार्यवाही 9 फरवरी को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों पर नारेबाजी शुरू कर दी। मुख्य रूप से प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर स्पीकर के पिछले बयान, महंगाई और बेरोजगारी जैसे विषयों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसद वेल तक पहुंच गए। शोर-शराबे और तख्तियों के प्रदर्शन के कारण सदन में कोई भी विधायी कार्य पूरा नहीं हो सका।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की मर्यादा का हवाला देते हुए हंगामे पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सदन चर्चा के लिए है, न कि व्यवधान के लिए। गौरतलब है कि पिछले सत्र में स्पीकर ने खुलासा किया था कि उन्हें प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंताजनक सूचनाएं मिली थीं, जिसके बाद से ही सदन का माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।
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सदन को सोमवार, 9 फरवरी तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि इस बीच सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध सुलझाने के लिए ‘बिजनेस एडवाइजरी कमेटी’ की बैठक हो सकती है। यदि सोमवार को भी यही स्थिति रही, तो बजट पर चर्चा और महत्वपूर्ण बिलों के पास होने में देरी हो सकती है।






