
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Wardha District ATM Security: वर्धा जिले में कई बार एटीएम मशीन को चोरों ने निशाना बनाने की घटनाएं, सामने आयी है। बावजूद इसके बैंकों द्वारा एटीएम केंद्रों की सुरक्षा की ओर अनदेखी की जा रही है। अधिकांश एटीएम केंद्र पर सुरक्षा रक्षक नदारत दिखाई देते हैं-केवल सीसीटीवी का वॉच एटीएम केंद्रों पर देखा जा रहा है।
कुछ एटीएम के दरवाजे टूटे हैं, तो कहाँ पर कचरे का साम्राज्य दिखाई देता है। कुछ क्षेत्र में अमुमन मशीनें बंद रहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बता दें कि जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत बैंकों की लगभग 115 ब्रांचेस हैं। इन बैंकों के जिलेभर में 187 से अधिक एटीएम सेंटर है।
किन्तु इनमें से अधिकांश एटीएम केंद्रों की सुरक्षा को लेकर हमेशा सवाल उपस्थित हो रहे हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में एटीएम केंद्र की सुविधा उपलब्ध है। इससे नागरिक बैंक में जाने की बजाए इन्हीं केंद्रों से पैसे निकालने व जमा करने का व्यवहार करते है। कई बार बैंक से पैसे निकालने पर लूटपाट, एटीएम कार्ड बदल कर पैसे ऐठना, हाथ की चलाखी आदि घटना सामने आती है।
एटीएम केंद्र से भी पैसे निकालना खतरे से खाली नहीं है। कई बार ग्राहक खुद को असुरक्षित महसूस करता है। जिले में 80 प्रतिशत एटीएम केंद्रों की सुरक्षा केवल सीसीटीवी के भरोसे हैं। ऐसे में समय कोई अनहोनी घटने का डर लगा रहता है। विभिन्न बैंकों के एटीएम केंद्र पर सुरक्षा रक्षक ही नदारद रहते हैं।
इस ओर बैंक प्रशासन से ध्यान गंभीरता से ध्यान देने की मांग की जा रही है। रिजर्व बैंक की नई गाइड लाइन के अनुसार एटीएम केंद्र पर सुरक्षा गार्ड रखना अनिवार्य नहीं है किन्तु सीसीटीवी, अलर्ट बेल सहित अन्य बातों पर ध्यान दिया जा रहा है, ऐसा बैंक अधिकारियों का कहना है।
ज्ञात हो कि, सेवाग्राम चौराहे पर चोर एटीएम मशीन ही उठाकर ले गए थे। इसके अलावा अन्य थाना क्षेत्र में भी एटीएम केंद्र पर चोरी अथवा चोरी के प्रयास की घटनाए सामने आयी है।
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हालही में गिरड थाना क्षेत्र में भी एटीएम मशीन ही दुराने की घटना हुई है, अब तक प्रकरण की जांच पुलिस कर रही है। ऐसी स्थिति में जिले के एटीएम केंद्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उपस्थित हो रहे हैं। कई बार केंद्री पर चौरी होने के बावजूद भी बैंक प्रशासन इसकी सुध नहीं ले रहा है।






