प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Shaktipeeth Expressway News: विदर्भ को गोवा से जोड़ने वाले बहुप्रतिक्षीत शक्तिपीठ महामार्ग के भूसंपादन व सिमांकन को राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग ने गुरुवार, 28 अगस्त को मान्यता दी है। जिसके लिए 20 करोड़ 787 लाख का प्रावधान किया गया है। यह मार्ग वर्धा जिले के पवनार से प्रारंभ होकर सिंधुदुर्ग जिले के पात्रादेवी तक होगा।
समृद्धि महामार्ग के बाद राज्य सरकार ने पश्चिम महाराष्ट्र व गोवा से विदर्भ की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए शक्तिपीठ महामार्ग की घोषणा की थी। शक्तिपीठ महामार्ग का प्रारंभ वर्धा तहसील के पवनार गांव से होने वाला है। 802.592 किमी के मार्ग को लेकर कोल्हापुर जिले में विरोध दर्शाया जा रहा है। तो वहीं विदर्भ के किसान मार्ग के निर्माण की पैरवी कर रहे हैं।
पवनार से पात्रादेवी तक 12 जिलों के 39 तहसील के 370 गांवों से यह मार्ग गुजरने वाला है। समृद्धि महामार्ग से जोड़कर पवनार के समीप से नई मार्ग क्रमिका बनाई जाने वाली है। राज्य के वर्धा, यवतमाल, हिंगोली, नांदेड़, परभणी, बीड, लातुर, धाराशिव, सोलापुर, सांगली, कोल्हापुर व सिंधुदुर्ग जिले से मार्ग गुजरेगा।
मार्ग के कारण 18 घंटे की दूरी महज 8 घंटो में गोवा तक पूरी होगी। मार्ग के कारण माहूर, तुलजापुर व कोल्हापुर आदि शक्तिपीठ जोड़े जाएंगे। वहीं 18 धार्मिक स्थल भी मार्ग के करीब होंगे। शक्तिपीठ के सिमांकन को सरकार ने 7 फरवरी 2024 को मान्यता दी थी।
मात्र कोल्हापुर जिले के शिरोल, करवीर, हातकणंगले, कागल, भूदरगड, आजरा तहसील के किसानों ने मार्ग को विरोध करने के कारण 15 अक्टूबर 2024 को राज्य सरकार ने अधिसूचना निकालकर इन तहसीलों का सिमांकन रद्द किया था। अब सरकार ने उक्त तहसील के अन्य पर्याय खोजने के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर उसके अनुसार प्रस्ताव प्रस्तुत करने की सूचना की है।
लोकनिर्माण विभाग के 28 अगस्त 2025 के शासन आदेश के अनुसार भूसंपादन की कार्यवाही तुरंत आरंभ की सूचना दी गई है। जिसके लिए प्रिंसिपल अमाउंट 12 करोड़ व ब्याज के 8।787 ऐसे कुल 20 करोड़ 787 रुपयों की राशि का प्रावधान किया गया है।
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उक्त प्रोजेक्ट प्रशासकीय मान्यता, वित्तीय नियोजन, प्रारूप निविदा के संदर्भ में एमएसआरडीसी की और से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद मंत्रिमंडल की मान्यता प्राप्त की जाएगी। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग के नियमानुसार निविदा प्रक्रिया होगी।
परिवहन के दृष्टिकोण से वर्धा जिला महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। वर्धा व सेवाग्राम रेलवे स्टेशन देश के सभी हिस्सों में रेलवे ट्रेन का परिचालन होता है। जिले से कोलकाता मुंबई व हैदराबाद दिल्ली राष्ट्रीय महामार्ग के गुजरा है। समृद्धि महामार्ग जिला मुख्यालय से महज सात किमी से गुजरा है। समृद्धि महामार्ग सबसे अधिक तीन इंटरचेंज जिले में हैं। अब शक्तिपीठ महामार्ग भी जिले से गुजरने के कारण जिले का परिवहन दृष्टि से महत्व बढ़ने वाला है।