Hunger Strike Ended (सोर्सः सोशल मीडिया
Karanja Hunger Strike Ended: कारंजा (घाडगे) में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जमा कचरे पर बायोमाइनिंग प्रक्रिया को बिहाडी स्थित निर्धारित स्थल पर करने की मांग को लेकर नगर पंचायत के विपक्षी दल के भाजपा नगरसेवकों द्वारा 15 मार्च से गोलीबार चौक पर शुरू किया गया श्रृंखलाबद्ध अनशन गुरुवार को समाप्त हो गया। गुड़ी पड़वा के दिन अनशन के पांचवें दिन स्थानीय विधायक सुमित वानखेड़े और दादाराव केचे मौके पर पहुंचे।
उन्होंने अनशनकारियों से चर्चा कर उन्हें समझाया और नींबू पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस दौरान नगर पंचायत के मुख्याधिकारी विक्रम शिर्के ने अनशनकारियों को लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की गई। हालांकि, अनशनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो 1 मई से फिर से अनशन शुरू किया जाएगा।
अनशन में शिरीष भांगे, प्रमोद चव्हाण, हरिभाऊ जसुतकर, योगिता कदम, उषा चव्हाण, ज्योती यावले, वैशाली सरोदे, रमा दुर्गे, सुवर्णा कावडकर, राहुल झोरे, हेमराज भांगे, संजय कदम, किशोर भांगे, गजानन सरोदे, सुधाकर दुर्गे, अजय कावडकर, सुमित चाफले, राहुल भांगे सहित अन्य लोग शामिल थे।
ये भी पढ़े: वर्धा में चेन स्नैचिंग का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 20 लाख का माल बरामद, AI और CCTV से हुआ बड़ा खुलासा
इस संबंध में शिंदे गुट शिवसेना के स्वीकृत नगरसेवक नितिन दर्यापुरकर ने कहा कि पहले ही स्पष्ट किया गया था कि 30 अप्रैल तक उसी स्थान पर बायोमाइनिंग प्रक्रिया पूरी कर जमीन खाली कर दी जाएगी, ऐसे में इस अनशन से क्या नया हासिल हुआ, यह सवाल है।
मुख्याधिकारी विक्रम शिर्के ने बताया कि जमा कचरे पर बायोमाइनिंग की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है। निविदा की शर्तों के अनुसार कचरे का वैज्ञानिक तरीके से उसी स्थान पर निष्पादन किया जाएगा और 30 अप्रैल तक उक्त स्थल पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा। इसके अलावा, पूर्व में कचरे में लगी आग की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पीएमसी के माध्यम से कचरे की कंटूर मैपिंग कर उसका परीक्षण भी किया जाएगा।