मथुरा में ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा रोकी, आयोजकों ने गैर-संवैधानिक रवैये का किया विरोध
Sarva Seva Sangh Protest: सर्व सेवा संघ की ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा को मथुरा में प्रशासन ने रोक दिया। आयोजकों ने इसे गैर-संवैधानिक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
मथुरा में ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा रोकी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Wardha News: सर्व सेवा संघ द्वारा आयोजित ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा, जो 2 अक्टूबर 2025 को गांधी जयंती पर राजघाट, वाराणसी से प्रारंभ हुई थी और 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस के अवसर पर राजघाट, दिल्ली पहुंचने वाली थी, उसे मथुरा प्रशासन ने मथुरा शहर में प्रवेश करने से रोक दिया है।
आयोजकों के अनुसार, मथुरा के जिलाधिकारी ने धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा का हवाला देते हुए पदयात्रा को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। अत्यंत अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से लगातार 42 दिनों से चल रही यह यात्रा 13 नवंबर से आगरा में जबरन रोक दी गई है, जिससे यात्रियों और आयोजकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जनसामान्य से संवाद स्थापित
इस पदयात्रा में देशभर के करीब 21 राज्यों से प्रतिदिन 70-80 पदयात्री शामिल हो रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं हैं। यात्रा का मुख्य उद्देश्य नफरत के विरुद्ध प्रेम, सद्भावना और एकता का संदेश फैलाना, तथा संविधान, लोकतंत्र और देश की विरासत के बारे में जनसामान्य से संवाद स्थापित करना है।
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यात्रा के दौरान पदयात्री महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस, गणेश शंकर विद्यार्थी सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हुए युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उसके मूल्यों से अवगत करा रहे थे।
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यात्रियों में भारी असंतोष
आयोजकों का कहना है कि पदयात्रा का पूरा रूट और विवरण प्रशासन को पूर्व में ही उपलब्ध करा दिया गया था, इसके बावजूद यात्रा को अचानक रोक दिया गया। उनका आरोप है कि यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है, जिससे यात्रियों में भारी असंतोष फैल गया है।
सर्व सेवा संघ ने इसे गैर-संवैधानिक रवैया बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज की है और देशवासियों से इस अन्याय के विरोध में आवाज उठाने का आह्वान किया है। यह जानकारी सर्व सेवा संघ, वर्धा द्वारा जारी की गई।
