Wardha News: छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन संघर्ष प्रेरणादायी, पूर्व सांसद रामदास तडस का प्रतिपादन

शिवराज्यभिषेक दिवस के अवसर पर छात्रों में देश का इतिहास ज्ञात हो इस उद्देश्य से 6 जून से राज्य के सभी आईटीआई संस्थाओं में राष्ट्रभक्ति के विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया है।
शिवराज्यभिषेक दिन मनाया
शिवराज्यभिषेक दिन मनाया। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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वर्धा: छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक दिन समारोह पुरे महाराष्ट्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महाराजा द्वारा लोक कल्याणकारी, आदर्श तरिकेसे से शासन चलाया गया। आदर्श राजा, रयतेचा राजा, जाणता राजा ऐसी उपाधी उन्हें जनता द्वारा दी गई। छत्रपति शिवाजी महाराज ने शून्य से विश्व निर्माण किया था। दिल्ली के तख्त को उन्होंने हिला कर रख दिया था।

आदर्श राजा ने केवल सत्ता प्राप्ति का कार्य नहीं किया, बल्कि कठिन परिस्थितियों में मुस्लिम शासकों की दहशत में जी रही जनता के मन में विश्वास निर्माण कर उन्हें उनका राज्य दिया। स्वराज्य यह प्रेरणा दी और स्थापना भी की। आज भी उनके जीवन के गुण व उनका जीवन हम सभी को प्रेरणादायी है। छत्रपति शिवाजी महाराज का संपूर्ण जीवन आदर्श था, जिससे उनके जीवन से सिख लेने जैसा बहुत कुछ है। समाज के प्रत्येक विद्यार्थी, नागरिक व पालक द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों व आदर्श को अपने जीवन में अंगीकार करें, ऐसा पूर्व सांसद रामदास तडस ने कहा।

राष्ट्रभक्ति के विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन

शिवराज्यभिषेक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में देश का इतिहास तथा देश के लिए समर्पण की भावना संजोने, पर्यावरण संवर्धन की भावना जागृत हो, इस उद्देश्य से 6 जून से राज्य के सभी आईटीआई संस्थाओं में राष्ट्रभक्ति के विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया है। जिसका लाभ सभी को लेने की अपील वीडियो संदेश द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। इस अपील को प्रतिसाद देते हुए रामदास तडस ने निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था देवली में शिवराज्यभिषेक दिवस पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया था।

महाराज के अष्टप्रधान मंडल में सभी जाति धर्म के लोगों का सहभाग

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में पूर्व सांसद रामदास तडस ने इस आशय के विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर व्याख्याता डॉ. नरेंद्र मदनकर ने कहा कि, छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा निर्माण किए कार्य में समाज के सभी जाति-धर्म के लोगों को साथ लेकर कार्य किया। उनका युद्ध कौशल, गुणग्राहकता, कामकाज का समन्वय, शुद्ध हेतु व आत्मीयता से जनता को साथ लेकर किया।

उनका युद्ध कौशल, गुणग्राहकता, कामकाज का समन्वय, शुद्ध हेतु व आत्मीयता से जनता के लिए किया कार्य प्रत्येक के जीवन में सफल होने के लिए प्रेरणादायी है। छत्रपति शिवाजी महाराज के अष्टप्रधान मंडल में सभी जाति धर्म के लोगों का सहभाग होने से वह जनता के राजा थे। मातृत्व का सम्मान, अन्य धर्म का सम्मान तथा छोटे व बड़े सभी का सम्मान उन्होंने अपने कार्य से किया। जान लगाने और जान देने वाले लोग अपने साथ निर्माण किए। इसी से स्वराज्य निर्माण हुआ, ऐसा डॉ. मदनकर ने कहा।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्रशिक्षणार्थी उपस्थित

कार्यक्रम में संस्था सचिव शोभा रामदास तडस, डॉ. श्रावण साखरकर, रवींद्र कारोटकर, उमेश कामडी, शुभांगी कुर्जकर, सारीका लाकडे उपस्थित थे। प्रास्ताविक प्राचार्य राहुल तडस ने किया। संचालन स्वप्नील लाकडे तथा आभार उमेश कामडी ने माना। सफलतार्थ सचिन समर्थन, अनिल देवघपरे, नितीन गणवीर, हेमंत इंगोले, माधुरी टेकाम, निकिता खंडालकर, नितीन भजभुजे ने प्रयास किए। कार्यक्रम में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।

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