Bor Tiger Reserve: बोर वाइल्ड लाईफ सेंचुरी के खुले गेट, जंगल सफारी का लुत्फ उठा रहे पर्यटक
Bor Tiger Reserve: वर्धा जिले में स्थित बोर टाइगर प्रोजेक्ट के गेट खुल चुके है। गेट खुलते ही यहां पर्यटकों की आवाजाही तेज हो गई है और लोग जंगल सफारी का मजा ले रहे है।
- Written By: प्रिया जैस
बोर में जंगल सफारी (सौजन्य-नवभारत)
Bor Jungle Wildlife Sanctuary: वर्धा जिले के सेलू तहसील स्थित बोर व्याघ्र प्रकल्प में फिर एक बार जंगल सफारी शुरु हो चुकी है। फलस्वरुप दूर दराज से यहां पर्यटक पहुंच कर सफारी का लुत्फ उठाते नजर आ रहे है। बता दें कि, बारिश के मौसम में बोर व्याघ्र प्रकल्प के प्रवेशद्वार जंगल सफारी के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
जबकि हर साल 1 अक्टूबर से नए सीजन की शुरुआत होती है। इस बार बारिश लंबे समय तक चल रही थी। ऐसे में बोर व्याघ्र पकल्प के ट्रैक खराब हो गए थे। इसकी दुरुस्ती करना व रुक-रुक कर बारिश होने से इस बार जंगल सफारी देरी से शुरु होने की आशंका थी। परंतु बारिश रुकने के कारण समय रहते दुरुस्ती का काम पूर्ण किया गया। फलस्वरुप 1 अक्टूबर से बोर व्याघ्र प्रकल्प में जंगल सफारी का शुभारंभ हुआ।
जिप के सीईओ पराग सोमन ने किया गेट पूजन
जिप के सीईओ पराग सोमन के हाथों गेट पूजन किया गया। इस अवसर पर बोर व्याघ्र प्रकल्प के उपसंचालक मंगेश ठेंगडी, सहायक वन संरक्षक (बफर) डी. एच. लोंढे, वनपरिक्षेत्र अधिकारी बोर अभयारण्य ए़ आर. नौकरकार सहित अन्य वनाधिकारी व कर्मचारी, जीप्सी चालक मौजूद थे।
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सीईओ पराग सोमन ने भी जंगल सफारी का आनंद उठाया। बोर व्याघ्र प्रकल्प बाघों के संवर्धन के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। अभयारण्य में बाघों की संख्या भी बढ़ गई है। अन्य वन्यजीवों के दर्शन भी पर्यटकों को हो रहे हैं। हर साल हजारों पर्यटक यहां आते हैं।
