दरेगांव में लापरवाही: मिट्टी बनी धधकती भट्टी, 11 हजार वोल्ट की लाइन गिरने से मिट्टी पिघलकर बनी ‘लावा’
Daregaon Power Incident: मालेगांव के दरेगांव में 11 केवी हाई टेंशन लाइन गिरने से मिट्टी लावा जैसी पिघल गई, जिससे बिजली कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।
- Written By: आंचल लोखंडे
11kV line accident (सोर्सः सोशल मीडिया)
Malegaon Power Supply: मालेगांव शहर के दरेगांव इलाके में बिजली कंपनी की कथित लापरवाही और सुरक्षा प्रणाली की विफलता के कारण एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 11,000 वोल्ट (11 केवी) की हाई टेंशन लाइन शनिवार पूरी रात जमीन के संपर्क में रही, जिसके कारण अत्यधिक गर्मी से मिट्टी पिघलकर लावा जैसी तरल और काली हो गई।
स्थानीय निवासी उमैर अंसारी के अनुसार, बिजली का खंभा हाई टेंशन तारों की चपेट में आने से करंट रात भर जमीन में उतरता रहा। चिंताजनक बात यह है कि इतनी बड़ी तकनीकी खराबी के बावजूद मालेगांव पावर सप्लाई लिमिटेड की स्वचालित सुरक्षा प्रणाली (सर्किट ब्रेकर) ट्रिप नहीं हुई।
बिजली कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बिजली आपूर्ति लगातार जारी रहने के कारण संबंधित स्थान धधकती भट्टी में तब्दील हो गया। मिट्टी और रेत पिघलने से कांच जैसा काला पदार्थ बन गया, जो घटना की गंभीरता को दर्शाता है।
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इस घटना से ‘स्टेप पोटेंशियल’ का गंभीर खतरा पैदा हो गया था, जिससे वहां से गुजरने वाले किसी भी व्यक्ति या मवेशी की मौके पर ही मौत हो सकती थी। यदि आसपास सूखी घास या कोई ज्वलनशील सामग्री होती, तो शहर में भीषण आग लग सकती थी। इस लापरवाही ने जनजीवन और संपत्ति को बड़े जोखिम में डाल दिया है।
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पूरे क्षेत्र का सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग
उमैर अंसारी ने इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा तंत्र समय पर सक्रिय क्यों नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों और लाइन स्टाफ के विरुद्ध मामला दर्ज करने तथा पूरे क्षेत्र का सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।
