‘लाडली’ योजना का उठाया लाभ, अब अधिकारी-कर्मियों पर गिरेगी गाज, पेश करनी होगी रिपोर्ट

Wardha News: महाराष्ट्र में लाडली बहिन योजना के लिए सरकार के ग्राम विकास विभाग ने राज्य की सभी जिला परिषदों को रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए है। वर्धा जिला परिषद में इस रिपोर्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ।
Wardha News: महाराष्ट्र में लाडली बहिन योजना के लिए सरकार के ग्राम विकास विभाग ने राज्य की सभी जिला परिषदों को रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए है। वर्धा जिला परिषद में इस रिपोर्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ।
वर्धा जिला परिषद (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Ladki Bahin Yojana Report: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना चलायी गई थी। इस योजना का जिले की हजारों महिला लाभ उठा रही है। परंतु सरकार को सूचना व तकनीकि विभाग से प्राप्त हुई जानकारी में पता चला कि, सरकारी सेवा में कार्यरत कुछ अधिकारी, कर्मियों ने भी इस योजना का लाभ उठाया है।

परिणामवश राज्य के सभी जिला परिषद को सरकार के ग्राम विकास विभाग ने पत्र भेजकर जानकारी मांगी है। वर्धा जिला परिषद को भी 18 अगस्त को पत्र प्राप्त होने की जानकारी है। इस पत्र में बताया गया कि लाडली बहन योजना का लाभ लेने वाले जिला परिषद में कार्यरत अधिकारी, कर्मियों की सूची महिला व बाल विकास विभाग ने भेजी है।

विभाग को रिपोर्ट भेजने के दिए निर्देश

अपात्रता की शर्त के अनुसार उक्त अधिकारी, कर्मी पात्र न होते हुए भी योजना का लाभ लेकर सरकार की दिशाभूल कर रहा हैं तो, संबंधित के विरुध्द महाराष्ट्र नागरी सेवा नियम अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने की सूचना दी गई है। महिला व बाल विकास विभाग ने भेजी सूची में राज्य से कुल 1,183 नाम समाविष्ट है। उक्त अधिकारी व कर्मी जिला परिषद में सेवा दे रहे है।

जिला परिषद स्वायत्त संस्था है, जिला परिषद कर्मियों की नियुक्ति तथा अनुशासन भंग विषयक प्राधिकारी सीईओ है। परिणामवश इस प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट महिला व बाल विकास विभाग को उपलब्ध कर इसकी प्रति ग्राम विकास विभाग को भेजने के निर्देश है।

एक भी महिला कर्मी का नाम न होने की पुष्टि

इस संबंध में अधिक जानकारी लेने के लिए महिला व बाल विकास विभाग की अधिकारी मनिषा कुरसंगे से संपर्क किया गया। उक्त सूची में वर्धा जिला परिषद में कार्यरत एक भी महिला कर्मी का नाम न होने की पुष्टी उन्होंने की है। जिला परिषद के अलावा अन्य सरकारी दफ्तरो में कार्यरत महिला अधिकारी, कर्मचारी अथवा अधिकारी व कर्मियों की पत्नियों द्वारा योजना लाभ उठाने की चर्चा है। इस संदर्भ में जिला प्रशासन ने गंभीरता से जांच-पड़ताल करने की मांग हो रही है।

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