पिता की डांट का डर, जंगल में छिपा 13 वर्षीय बालक; वर्धा पुलिस ने सुरक्षित घर पहुंचाया
Talegaon Police Rescue: पिता द्वारा पढ़ाई को लेकर डांटे जाने से डरकर 13 वर्षीय बालक स्कूल जाने के बजाय जंगल में जाकर छिप गया। तलेगांव पुलिस ने बालक को सकुशल खोज निकाला और परिजनों को सौंप दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
13 वर्षीय बालक जंगल में छिपा- एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Boy Rescued From Wardha Forest: पढ़ाई नहीं करने पर पिता द्वारा डांटे जाने से डरकर 13 वर्षीय बालक घर से निकलकर जंगल में जाकर छिप गया। बालक के लापता होने की सूचना मिलते ही तलेगांव पुलिस ने तत्काल खोज अभियान शुरू किया और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे गांव से सटे जंगल क्षेत्र से सकुशल खोज निकाला। पुलिस की तत्परता की नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार 5 अगस्त की रात करीब 9 बजे 13 वर्षीय बालक के माता-पिता ने तलेगांव (श्याम। पंत।) पुलिस थाने में पहुंचकर उसके लापता होने की जानकारी दी। परिजनों के मुताबिक बालक सुबह करीब 10.30 बजे स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था। हालांकि, वह स्कूल नहीं पहुंचा और शाम तक घर भी वापस नहीं लौटा।
तलेगांव पुलिस ने चलाया खोज अभियान
बालक के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने गांव में पूछताछ की। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बालक दोपहर करीब 12.30 बजे तक गांव में खेलता हुआ दिखाई दिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए थानेदार मंगेश भोयर पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से गांव के विभिन्न स्थानों, खेत-खलिहानों और आसपास के जंगल क्षेत्र में खोज अभियान शुरू किया। काफी तलाश के बाद बालक गांव से लगे जंगल क्षेत्र में छिपा हुआ मिला।
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पिता की डांट से डरकर नहीं गया स्कूल
पुलिस ने बालक को विश्वास में लेकर पूछताछ की। इस दौरान उसने बताया कि पढ़ाई नहीं करने के कारण पिता ने उसे डांटा था। इससे वह डर गया और स्कूल जाने के बजाय जंगल में जाकर छिप गया। बालक ने पुलिस को बताया कि वह डर के कारण घर लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
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सुरक्षित परिजनों को सौंपा
बालक से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल उसके परिजनों को बुलाया और उस्ने सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता से बालक को महज एक घंटे के भीतर खोज निकाले जानेपर नागरिकों ने पुलिस टीम की सराहना की यह कार्रवाई थानेदार मंगेश भोयर के मार्गदर्शन में इकबाल पठाण और विजय आहाके ने की।
