जेब पर भारी पड़ेगा मिठाइयों का स्वाद! त्योहारों से पहले महंगाई का बड़ा झटका; दाल, चीनी और तेल के दाम चढ़े
Nagpur Grocery Prices: त्योहारी सीजन से पहले किराना सामान के दाम बढ़ने से आम आदमी का बजट बिगड़ गया है। चीनी के दाम 25 फीसदी तक बढ़े हैं, जिससे मिठाई महंगी होने के आसार हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
त्योहारी महंगाई (सोर्स- AI जनरेटेड)
Festival Season Food Inflation: नागपुर त्योहारी सीजन के ठीक पहले अचानक खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। भोजन की थाली का खर्च बढ़ गया है। त्योहारी सीजन में मिठाई भी महंगी हो सकती है। शक्कर, तुअर, उड़द और चना की दाल के बढ़ते दाम का असर अब हर घर की रसोई पर दिखाई देने लगा है।
चावल, सोयाबीन तेल, बेसन एवं मैदा आदि के दाम भी बढ़े हैं। चाय, दाल, मिठाइयों और नाश्ते की कई चीजों की लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ रहा है। देखा जाये तो पिछले 5 महीनों में रोजमर्रा की कई जरूरी किराना वस्तुओं के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
शक्कर 25% महंगी, त्योहारों में बढ़ सकते हैं मिठाइयों के दाम
व्यापारी अनिल अग्रवाल के अनुसार यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले त्योहारों में मिठाइयों के दाम भी बढ़ सकते हैं। शक्कर के दाम 25 प्रतिशत तक बढ़ गये हैं। जानकारों के अनुसार शक्कर की कीमतें बढ़ने की कई वजहें हैं। पिछले साल की तुलना में बाजार में उपलब्ध स्टाक कम है। वहीं मांग लगातार बनी हुई है।
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इसके अलावा सरकार की इथेनॉल नीति के तहत गन्ने का एक हिस्सा इथेनॉल बनाने में भी उपयोग हो रहा है। हालांकि केवल इथेनॉल की वजह से ही शक्कर महंगी नहीं हुई है। कम स्टाक, बढ़ती मांग और आपूर्ति पर दबाव भी कीमतें बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।
त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए व्यापारियों पर चीनी के स्टाक की सीमा भी तय की है, ताकि बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके।
थोक बाजार में किराने की सामग्री की कीमतों पर एक नजर
| वस्तु | मार्च कीमत (₹/किलो) | अगस्त कीमत (₹/किलो) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| तुअर दाल | 105–110 | 115–120 | ₹10 तक |
| मूंग दाल | 86–91 | 95–113 | ₹9–22 |
| उड़द दाल | 120–125 | 130–160 | ₹10–35 |
| चना दाल | 70–75 | 80–85 | ₹10 |
| काबुली चना | 90–100 | 105–112 | ₹15–12 |
| राजमा | 115–120 | 125–130 | ₹10 |
| शक्कर | 45–46 | 51–52 | ₹6 |
| मटर | 46–48 | 50–55 | ₹4–7 |
| मैदा | 38–40 | 42–46 | ₹4–8 |
नोट: कीमत रुपये प्रति किलो में
त्योहारी महंगाई (सोर्स- AI जनरेटेड)
बढ़ सकती हैं मिठाइयों की कीमतें
तुअर, मूंग व उड़द दाल के साथ-साथ चने की दाल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है, दालों के उत्पादन और आपूर्ति में उतार-चढ़ाव के कारण इनके भाव ऊंचे बने हुए है। तुअर दाल जहां रोजाना के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है वहीं चना दाल का उपयोग दाल के अलावा बेसन, नमकीन, लड्डू, मिठाइयों और कई अन्य खाद्य पदार्थों में होता है।
ऐसे में चने की दाल महंगी होने से इन उत्पादों की लागत भी बढ़ रही है। मिठाई कारोबारियों का कहना है कि शक्कर और चने की दाल दोनों महंगी होने से बेसन के लड्डू, मोतीचूर लड्डू, मैसूर पाक, बर्फी और अन्य मिठाइयों की लागत बढ़ गई है। यदि कच्चे माल के दाम कम नहीं हुए तो रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेशोत्सव और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान मिठाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
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गंभीरता से रखी जानी चाहिए निगरानी
व्यापारी पवन वाघवानी के अनुसार पेट्रोल की कीमत बढ़ाने से भाड़े में वृद्धि हुई है जिसकी वजह से बाजार में यह तेजी आई है। चिंता की बात यह है कि चावल, आटा और मैदा जैसे रोजमर्रा के प्रमुख खाद्य पदार्थों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।
इसका सीधा असर आम आदमी की रसोई और घरेलू बजट पर पड़ रहा है, खाद्य वस्तुओं की कीमतों और उपलब्धता की स्थिति पर गंभीरता से निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि बढ़ती खाद्य महंगाई का बोझ आम उपभोक्ताओं पर कम किया जा सके।
