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रावेर विधानसभा सीट पर तीसरे उम्मीदवार का रहा है खास इतिहास, क्या फिर से बढ़ाएगा पहले दो की मुश्किलें!
रावेर सीट पर अब तक हुए विधानसभा चुनावों में तीसरा उम्मीदवार पहले दो उम्मीदवारों के लिए चिंता बढ़ाने वाला रहा है। ऐसे में दो प्रमुख उम्मीदवारों की तुलना में इस बार तीसरा उम्मीदवार कौन होगा, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- Written By: रीना पंवार

(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
जलगांव : राज्य में विधानसभा चुनाव 2024 का शंखनाद हो चुका है। चुनावों के लेकर सभी दलों ने तैयारियों तेज कर दी हैं। बात करें रावेर विधानसभा सीट की तो इस बार यहां चुनाव में तीसरा उम्मीदवार पहले उम्मीदवार की जीत का फैसला करता हुआ दिखाई दे सकता है। इसलिए, रावेर में इस बार पहले और दूसरे उम्मीदवार की तुलना में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तीसरा महत्वपूर्ण उम्मीदवार कौन खड़ा होगा।
इस विधानसभा सीट पर अब तक हुए विधानसभा चुनावों में तीसरा उम्मीदवार चुनाव के समीकरण में पहले दो उम्मीदवारों के लिए चिंता बढ़ाने वाला रहा है। इस सीट का इतिहास देखते हुए ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव नतीजों में फिर से यही तस्वीर देखने को मिल सकती है।
तीन पंचवर्षीय अवधि में रही यही तस्वीर
रावेर विधानसभा सीट में पिछले तीन पंचवर्षीय चुनावों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि पहले दो उम्मीदवारों के मतों की गणना में तीसरा उम्मीदवार निर्णायक रहा है। सन 2009, 2014 और 2019 में भी यही स्थिति थी। इस सीट पर हर बार भाजपा बनाम कांग्रेस का ही मुकाबला हुआ है। इसमें कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस का उम्मीदवार चुना गया है। इसमें ‘तीसरे’ उम्मीदवार ने अपना अस्तित्व दिखाया है।
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ऐसा रहा है तीसरे उम्मीदवार का इतिहास
रावेर विधानसभा सीट पर पिछले तीन पंचवर्षीय चुनावों में तीसरा उम्मीदवार महत्वपूर्ण रहा है। यह मतदान के आंकड़ों से साफ जाहिर होता है। 2009 में हुए चुनाव में यहां से कांग्रेस के शिरिश चौधरी विजयी हुए थे। उस समय उन्हें 54 हजार 115 वोट मिले थे। जबकि दूसरे स्थान पर रही भाजपा की शोभा पाटील को 32 हजार 519 वोट मिले थे। तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के उम्मीदवार रमेश विठ्ठल चौधरी को 28 हजार 638 वोट मिले थे।
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इसके बाद 2014 के चुनाव में यहां से भारतीय जनता पार्टी के हरिभाऊ जावले विजयी हुए थे। उन्हें 65 हजार 962 वोट मिले थे। जबकि दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के शिरिश चौधरी को 55 हजार 962 वोट मिले थे। तीसरे स्थान पर रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुल गफ्फार मलिक को 31 हजार 271 वोट मिले थे। साल 2019 में भी तीसरे स्थान के वोट निर्णायक रहे थे। इसमें कांग्रेस के शिरीष मधुकर राव चौधरी विजयी हुए हैं। उन्हें 77 हजार 941 वोट मिले जबकि दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार हरिभाऊ जावले को 62 हजार 332 वोट मिले हैं। तीसरे स्थान के उम्मीदवार बहुजन वंचित आघाडी के अनिल छबीलदास चौधरी को 44 हजार 841 वोट मिले हैं। इसी चुनावी गणित को देखते हुए इस बार भी दो प्रमुख उम्मीदवारों को अपनी जीत के लिए तीसरे उम्मीदवार की ओर ध्यान देना होगा और इसके लिए खास रणनीति पर काम करना होगा।
इस बार कौन होगा तीसरा उम्मीदवार
रावेर विधानसभा सीट के लिए प्रमुख दल के दो उम्मीदवारों की तुलना में तीसरा उम्मीदवार कौन खड़ा होगा, इसकी चर्चा पिछले कुछ दिनों से यहां शुरू हो गई है। ऐसा माना जा रहा है कि इसमें पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दारा मोहम्मद का नाम सबसे आगे है। वे इस बार चुनाव लड़ने को लेकर जोरदार चर्चा में हैं और उनकी उम्मीदवारी पर सभी की नजर लगी हुई है।
The third candidate on raver assembly seat has a special history will he again increase the problems of the first two
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