जलगांव में खेत पर ही टमाटर खेती की नई तकनीकें, कम पानी, कम लागत में बंपर पैदावार का लाइव डेमो

Jalgaon Tomato Farming: जलगांव में किसानों को खेत पर ही टमाटर की आधुनिक खेती तकनीकों का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण मिला। ड्रिप, फर्टिगेशन से कम लागत में अधिक उत्पादन संभव बताया गया।
New techniques of tomato cultivation on the farm in Jalgaon, live demo of bumper yield with less water and low cost
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Jalgaon Agriculture: जलगांव टमाटर की खेती को फायदे का धंधा बनाने की तमाम तकनीकें अब किसानों के खेतों पर ही सिखाई जा रही हैं। जैन फार्म फ्रेश फूड़ और कागोमे इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में जलके वावदड़ा के प्रगतिशील किसान सुधाकर येवले के खेत में आयोजित परिसंवाद में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे।

सुबह से ही खेत पर किसानों का जमावड़ा लग गया। कम पानी व कम लागत में होगी बंपर पैदावार विशेषज्ञों ने ड्रिप सिचाई, फर्टिगेशन और ऑटोमेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रैक्टिकल डेमो दिया, किसानों ने खेत में ही जाकर देखा कि कैसे कम पानी और कम लागत में बंपर पैदावार ती जा सकती है।

सरकार की अनुदान योजनाओं की जानकारी भी दी गई, कार्यक्रम की खास बात रही जापान से आए कागोमे के क्वालिटी कंट्रोल हेड हेनरीज शिमुकाया की मौजूदगी।

उन्होंने किसानों से सीधा संवाद किया और भारतीय किसानों की मेहनत की तारीफ की, उनके जापानी भाषण का अनुवाद मिलन चौधरी ने किया। शिनुकावा ने कहा कि सही तकनीक मिले तो भारतीय किसान दुनिया में नंबर वन बन सकते हैं।

अनुबंधित खेती पर जोर

जैन फार्म फ्रेश के रोशन शाह ने कहा कि जलवायु बदल रही है, लेकिन तकनीक से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। गौतम देसडाँ ने अनुबंधित खेती के फायदे गिनाए और बताया कि कैसे कंपनी किरानी की पूरी फसल खरीदने को तैयार है। डी.एम. बढ़ाटे ने रोग प्रबंधन और फलधारण बढ़ाने के टिप्स दिए।

6 साल से चलाया जा रहा रहा अभियान

मिलन चौधरी ने बताया कि कागोमे पिछले 16 साल से टमाटर शोध में जुटी है और जैन के साथ मिलकर पिछले छह साल से जलगांव में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम में पी.के. पाटील, संदीप जाधव, सागर भोये समेत तमाम लोग मौजूद रहे। संचालन श्रीराम पाटील ने किया और आभार बी. आर. सोलंकी ने माना।

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