नगर निगम सोया, दो महीने का जलजमाव, जलगांव के नागरिकों ने खुद बनाई सड़क

Jalgaon Road Protest: जलगांव सुप्रीम कॉलोनी में नाला जाम से सड़क तालाब बन गई। नगर निगम की अनदेखी पर नागरिकों ने चंदा और श्रमदान से खुद सड़क दुरुस्त की।
Municipal Corporation slept, waterlogging persisted for two months, Jalgaon residents built their own road
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Jalgaon Citizens Fix Broken Road: जलगांव शहर के एमआईडीसी क्षेत्र स्थित सुप्रीम कॉलोनी में नगर निगम की लापरवाही से परेशान नागरिकों ने आखिरकार खुद ही सड़क दुरुस्त कर दी। ममता बेकरी के पास नाला जाम होने से पिछले दो महीनों से गंदा पानी सड़क पर बह रहा था। हालात ऐसे थे कि सड़क तालाब में तब्दील हो गई थी और आवागमन ठप हो रहा था।

कई बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर लोगों ने चंदा जुटाकर पांच से छह ट्रैक्टर मुरुम डलवाया और श्रमदान से रास्ता चालू कराया।

आश्वासनों का 'जाम': सुप्रीम कॉलोनी में गटर लाइन जाम होने की समस्या चुनावी दौर से ही बनी हुई थी। नागरिकों ने चुनाव के दौरान अधिकारियों से पानी निकासी की मांग की थी, लेकिन तब मिले आश्वासन केवल कागजों तक ही सीमित रहे।

लगातार बहते पानी के कारण सड़क पर काई जम गई थी और फिसलन बढ़ गई थी। कई दोपहिया चालक यहां गिरकर चोटिल हो चुके थे। नगर निगम की कार्यप्रणाली से तंग आकर स्थानीय युवाओं और बुजुर्गों ने खुद पहल करने का निर्णय लिया।

आपस में वर्गणी (चंदा) जमा कर पांच से छह ट्रैक्टर मुरुम मंगाया गया, नागरिकों ने घंटों मेहनत कर मुरुम फैलाया और सड़क को समतल किया। इस श्रमदान के बाद अब सड़क से सांडपानी का बहाव रुक गया है और लोगों का आवागमन सुचारु हो सका है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि प्रशासन की नींद न जाने कब खुलेगी।

नगर निगम की साख पर सवाल

निगम की इस बेरुखी से नाराज नागरिकों ने अब सीधे आयुक्त से जवाब मांगा है। लोगों का सवाल है कि यदि सड़क बनाने और गटर साफ करने के लिए भी उन्हें खुद ही पैसा और श्रम खर्च करना है, तो ये संपत्ति कर किस लिए भरे? नागरिकों ने भाग की है कि लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए, जिन्होंने शिकायतों को दरकिनार कर जनता को इस मुसीबत में धकेला। फिलहाल श्रमदान से बनी यह सड़क निगम की कार्यक्षमता का मजाक उड़ा रही है।

लोगों ने चंदा लगाकर इकट्ठा किया पैसा

क्षेत्रः सुप्रीम कॉलोनी, ममता बेकरी के पास (एमआईडीसी)

समाधानः 5 से 6 ट्रैक्टर मुरुम डलवाकर सड़क दुरुस्त की।

लागतः नागरिकों ने आपसी चंदे से वहन की।

प्रभावः फिसलन खत्म हुई और यातायात बहाल हुआ।

Navbharat Live
navbharatlive.com