Ulhasnagar municipal (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ulhasnagar Committee Elections: बुधवार को आयोजित उल्हासनगर महानगरपालिका की आमसभा शहरवासियों के भावनात्मक मुद्दों के कारण काफी हंगामेदार रही। सभा में नगरसेवकों ने शहर में कचरे के ढेर, विभिन्न इलाकों में जमा गंदगी, सार्वजनिक शौचालयों की दयनीय स्थिति और ध्वस्त इमारतों के मलबे में फेंके जा रहे कचरे जैसे मुद्दों पर जोरदार तरीके से सवाल उठाए।
जनप्रतिनिधियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए गंदगी और बंद नालियों की तत्काल सफाई की मांग की। शहर में पानी की कमी और ‘वालमैन’ के तबादले के मुद्दे पर भी तीखी बहस हुई, जिससे कुछ समय के लिए सभागृह का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर पार्षद दुर्गा राय ने विद्यालय क्रमांक 24 का उल्लेख करते हुए प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जहां महासभा भवन में महंगे कालीन बिछाए जा रहे हैं, वहीं मनपा स्कूलों के विद्यार्थियों को जमीन पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए विद्यार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इस मुद्दे पर सदन में सत्ता पक्ष और प्रशासन दोनों की आलोचना हुई।
महापौर अश्विनी कमलेश निकम, आयुक्त मनीषा अव्हाले और उपमहापौर अमर लुंड की देखरेख में आयोजित इस बैठक में शहर विकास से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
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सभा के उत्तरार्ध में मनपा की स्थायी समिति और अन्य विशेष समितियों के गठन को मंजूरी दी गई। राजनीतिक समीकरणों के तहत शिवसेना (शिंदे गुट), वंचित बहुजन आघाड़ी और निर्दलीय सदस्यों ने मिलकर ‘उल्हासनगर विकास आघाड़ी’ का गठन किया। इस गठबंधन की ओर से राजेंद्र सिंह भुल्लर सहित कई नाम स्थायी समिति के लिए तय किए गए। वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी 16 सदस्यों के नाम घोषित किए गए।
इसके साथ ही इस वर्ष आठ के स्थान पर नौ विशेष समितियों के गठन का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें एक नई राजस्व समिति भी शामिल की गई है। इस निर्णय के बाद शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।