निजी आईटीआई के मुद्दों पर तीन महीने में होगा फैसला, मंत्री लोढ़ा का विधान परिषद में आश्वासन

Maharashtra Private ITI: महाराष्ट्र में निजी आईटीआई से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए तीन महीने में निर्णय लिया जाएगा, जबकि सरकार ने 18.68 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति का भी खुलासा किया है।
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vocational training (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Education: महाराष्ट्र विधान परिषद में बुधवार को कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने बताया कि राज्य की 585 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए जल्द ही एक समिति गठित की जाएगी। यह समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।

पिछली सरकारों पर साधा निशाना

आमदार अभिजीत वंजारी द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर मंत्री लोढ़ा ने कहा कि वर्ष 2015 में शरद पाटिल की समिति ने इस विषय पर रिपोर्ट दी थी, जिसे तत्कालीन सरकार ने खारिज कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने निजी गैर-अनुदानित आईटीआई को अनुदान देने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।

फीस प्रतिपूर्ति और सरकारी प्रयास

मंत्री लोढ़ा ने बताया कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य में सकारात्मक बदलाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को प्रशिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति दे रही है। वर्ष 2020-21 से 2025-26 के बीच कौशल विकास विभाग ने सरकारी और निजी आईटीआई के छात्रों को कुल 18.68 करोड़ रुपये की शैक्षणिक फीस प्रतिपूर्ति दी है।

प्राचार्यों के पद होंगे भरे

आमदार धीरज लिंगाडे के सवाल पर मंत्री ने बताया कि सरकारी आईटीआई में अर्ध-कालिक निदेशकों को स्थायी करने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासनिक सुधारों के तहत अब एक प्राचार्य केवल एक ही संस्था का कार्यभार संभालेगा। रिक्त पदों पर अगले छह महीनों में नियुक्तियां की जाएंगी।

आईटीआई का आधुनिकीकरण

मंत्री लोढ़ा ने यह भी घोषणा की कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के आईटीआई को अत्याधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए विश्व बैंक से अनुदान प्राप्त हुआ है, जिसका उपयोग भवनों के पुनर्निर्माण और प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण में किया जाएगा।

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