Shiv Sena UBT crisis (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हालिया दिल्ली दौरे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के आधे से अधिक सांसद शिंदे के संपर्क में हैं और ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत उनके पाला बदलने की रणनीति तैयार की जा रही है।
बताया जा रहा है कि शिंदे गुट दिल्ली में अपनी ताकत मजबूत करने के प्रयास में जुटा है। इसी के तहत संभावित तौर पर पाला बदलने वाले सांसदों की सूची तैयार की गई है। इसमें अरविंद सावंत, संजय देशमुख, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और राजाभाऊ वाजे जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इस संभावित दल-बदल को कानूनी रूप से सुरक्षित बनाने और सदस्यता बचाने के लिए सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
दिल्ली दौरे के दौरान एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों का दावा है कि इस बैठक में केवल विकास कार्यों ही नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई और संभावित रोडमैप पर सहमति बनी।
हालांकि मंत्री उदय सामंत ने किसी भी ‘ऑपरेशन’ से इनकार किया है, लेकिन सियासी घटनाक्रम कुछ और संकेत दे रहे हैं। अकोला में शिवसेना (यूबीटी) के चार नवनिर्वाचित नगरसेवकों ने पाला बदलकर शिंदे गुट का साथ दिया। इनमें मनोज पाटील, सागर भरुका और सुरेखा काले (महापौर पद की उम्मीदवार) के नाम शामिल हैं। इससे पहले कल्याण-डोंबिवली में भी एक नगरसेवक शिंदे गुट में शामिल हुआ था।
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इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शिंदे और अजीत पवार गुट पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ये भाजपा के अंगवस्त्र हैं। अमित शाह ने इन दलों को खड़ा किया है। हमारे मार्गदर्शक बालासाहेब ठाकरे हैं।” राउत ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली में ‘ऑपरेशन’ करने वाले अक्सर असफल होकर लौटते हैं।
लगातार बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच मातोश्री की चिंता बढ़ती दिख रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि उद्धव ठाकरे इस नए राजनीतिक समीकरण पर क्या रणनीति अपनाते हैं।