नागपुर मनपा एजुकेशन विभाग हुआ हाईटेक, एक क्लिक पर मिलेंगे 50 साल पुराने स्कूल दस्तावेज

नागपुर में मनपा का एजूकेशन डिपार्टमेंट अब हाई टेक हो गया है। बंद स्कूलों के दस्तावेज़ एक क्लिक पर उपलब्ध होंगे।
नागपुर मनपा एजुकेशन विभाग हुआ हाईटेक, एक क्लिक पर मिलेंगे 50 साल पुराने स्कूल दस्तावेज
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Nagpur Municipal Schools Going Digital: नागपुर नगर निगम के स्कूलों का एजूकेशन विभाग अब पूरी तरह हाई-टेक होता जा रहा है। मनपा के आईटी विभाग द्वारा किए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद, अब न केवल वर्तमान स्कूलों के दस्तावेज बल्कि बंद हो चुके स्कूलों के पुराने रिकॉर्ड भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगे।

पूरे देश में पहला अभिनव प्रयोग

मनपा ने अपने स्कूलों के पुराने और दुर्लभ दस्तावेजों को डिजिटलीकरण का कार्य शुरू किया है। इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इससे नागरिक अब आवश्यक जानकारी और प्रमाणपत्र मात्र एक क्लिक पर प्राप्त कर सकेंगे।

बंद स्कूलों का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन

पिछले 50 वर्षों में मनपा के लगभग 200 स्कूल बंद हो चुके हैं। इन स्कूलों के रिकॉर्ड का पता नहीं होने के कारण पूर्व छात्रों को टीसी और अन्य दस्तावेजों के लिए नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब निजी एजेंसी की मदद से करीब 6.5 लाख दस्तावेज स्कैन किए जा चुके हैं, और अनुमान है कि कुल दस्तावेजों की संख्या 15 लाख तक पहुंच सकती है।

ब्रिटिश काल के दस्तावेज भी सुरक्षित

इस परियोजना के तहत न केवल हालिया बल्कि ब्रिटिश काल के दुर्लभ दस्तावेज जैसे गुणाकार बुक, आकार फोड, वसलेवार बुक, कब्जा रसीद, संपत्ति कार्ड, पूछताछ रजिस्टर और गांव धारिका भी स्कैन किए जा रहे हैं। सभी दस्तावेज ई-अभिलेख में परिवर्तित किए जा रहे हैं और विशेषज्ञों द्वारा मेटा डेटा एंट्री भी की जा रही है।

अंतिम चरण में परियोजना

यह कार्रवाई अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही पूरी सेवा ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इससे हजारों नागरिकों को दस्तावेज प्राप्त करने में आसानी होगी।

उपायुक्त का बयान

उपायुक्त, आईटी विभाग, मिलिंद मेश्राम ने बताया कि कुछ दस्तावेज इतने पुराने और खराब हो चुके हैं कि उन्हें स्कैन करना मुश्किल है, लेकिन अधिक से अधिक दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित करने का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा, “कई लोगों को 50 वर्ष पुराने दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। ऐसे समय मनपा का यह अनोखा प्रयास उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। यह एक बड़ी उपलब्धि है।”

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