वाशी-ठाणे रूट पर क्यों जरूरी है लेट नाइट लोकल? 10 साल में 4 गुना बढ़े यात्री, जानिए पूरी वजह

Thane Local Train Issue: मध्य रेलवे की ट्रांसहार्बर लाइन पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए ठाणे-वाशी रूट पर देर रात तक लोकल चलाने की मांग तेज हुई है। हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
Thane Vashi Local Train
लोकल ट्रेन में भीड़ (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Thane Vashi Local Train: मध्य रेलवे के ट्रांसहार्बर लाइन पर तेजी से बढ़ी यात्रियों की संख्या को देखते हुए लोकल फेरियां बढ़ाने की मांग हो रही है। ठाणे से पनवेल एवं नवी मुंबई वाशी को जोड़ने वाली ट्रांसहार्बर लोकल सेवा भी हिट साबित हुई है। पीक आवर में तो यात्रियों का चढ़ना उतरना मुश्किल होता है।

कई साल से नहीं बदला टाइमटेबल

ठाणे वाशी लोकल मार्ग पर लगातार बढ़ी यात्रियों भीड़ को देखते देर रात तक वाशी से ठाणे के लिए लोकल ट्रेन सेवा चलाए जाने की मांग की जा रही है। यात्रियों का कहना है कि पिछले कई साल से ट्रांसहार्बर लोकल का टाइमटेबल बदला नहीं है।जबकि यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हो गई है। फिलहाल वाशी से ठाणे के लिए अंतिम लोकल रात 11:25 मिनट पर है, इस सेवा को 12 बजे के बाद भी बढ़ाने की मांग काफी समय से की जा रही है।

ठाणे पहुंचने में होती है मुश्किल

गौरतलब है कि वाशी मुख्य व्यापारिक केंद्र होने के साथ नवी मुंबई, ठाणे मार्ग पर कई मल्टीनेशनल आईटी कंपनियां, प्रिंटिंग प्रेस आदि आद्योगिक संस्थान हैं,जहां दिन रात काम होता है। इसके अलावा लंबी दूरी की कई ट्रेनें देर रात में ठाणे होते हुए उत्तर भारत की ओर जाती हैं, उन ट्रेनों को समय पर पकड़ने के लिए नवीमुंबई करों को काफी समय पहले निकलने की प्लानिंग करनी पड़ती है।

ध्यान दें रेलमंत्री

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) तथा अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे पत्र में कहा है कि ठाणे-वाशी रूट पर रोज हजारों यात्री सफर करते हैं। अर्ध रात्रि को लोकल सेवा ना होने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए अंतिम लोकल ट्रेन कम से कम रात 12 बजे तक चलाई जानी चाहिए।

हजारों लोग रोज करते हैं यात्रा

कैट के महाराष्ट्र प्रदेश के वरिष्ठ अध्यक्ष महेश बखाई ने कहा कि नवी मुंबई में बड़ी संख्या में लोग ठाणे, कल्याण और अन्य उपनगरों से काम के लिए यहां आते हैं। एपीएमसी मंडी में भी व्यापारी एवं उनके कर्मचारी भी हजारों की संख्या में मुलुंड एवं कल्याण-डोंबिवली परिसर से आते हैं। पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियों ने अपने कामकाज शुरू किया है। इनमें काम करने वाले खासकर महिला एवं युवा कर्मचारियों की भी बड़ी संख्या में नवी मुंबई की तरफ आवाजाही है। इन सबकी सुविधा के लिए रेलवे मंत्री को तुरंत देर रात तक लोकल चलाने की मंजूरी देनी चाहिए।

खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा कि वाशी-नवी मुंबई, जहां विभिन्न प्रकार की 5 बड़ी मंडियां हैं, आईटी कंपनियों का हब है तथा ठाणे-बेलापुर जो एशिया का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यहां हजारों की संख्या में काम कर रहे लोग, जो कि ठाणे एवं अगल बगल के उपनगरों में रहते हैं, उनके लिए आखिरी ट्रेन रात 11:25 मिनट पर है। इसके बाद कोई लोकल ना होने से इन प्रवासियों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या पर लोगों ने स्थानीय सांसद नरेश म्हस्के से भी ध्यान देने की अपील की है।

सूर्यप्रकाश मिश्र

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