जमानत पर बाहर आकर फिर चोरी? नागपुर पुलिस ने निकाला पक्का इलाज, अपराधियों में मचा हड़कंप

Beltarodi Police Station Burglary: नागपुर पुलिस का नया कानूनी 'हंटर'! बेलतरोड़ी पुलिस ने धारा 112 लगाकर सेंधमारों की टोली को भेजा जेल। 20 से ज्यादा मामलों का खुलासा, 9.51 लाख का माल जब्त।
Nagpur's Beltarodi police use BNS Section 112 to stop frequent bails for burglars. 4 members of a gang involved in 20+ cases arrested. ₹9.51 lakh worth property seized.
नागपुर न्यूज
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Organized Crime Nagpur: नागपुर में लगातार चोरी और सेंधमारी की वारदातों में सक्रिय सेंधमारों की टोली पर शिकंजा कसने के लिए बेलतरोड़ी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत हंटर चलाया। आमतौर पर सेंधमारों को सप्ताह के भीतर ही न्यायालय से बेल मिल जाती है।

इससे उनके हौसले बुलंद रहते हैं और बेल पर बाहर आते ही दोबारा वारदातों में सक्रिय हो जाते हैं लेकिन मोका की तरह ही बीएनएस की धारा 112 के तहत पुलिस संगठित रूप से चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों पर नकेल कसने के अधिकार है। इसमें पुलिस सभी मामलों की एक साथ जांच कर सकती है।

स्वाभाविक है कि जब तक प्रकरण की जांच पूरी नहीं होती आरोपियों को जमानत नहीं मिलेगी, इसीलिए पुलिस ने अब ये नया कानूनी पैंतरा अपनाया है। विगत 8 फरवरी को बेलतरोड़ी के श्यामनगर में रहने वाले किरण देशपांडे के घर पर चोरी की वारदात हुई थी। किरण किसी काम से पुणे गए थे और इसी बीच चोरों ने ताला तोड़कर घर से 1.21 लाख रुपये का माल चोरी कर लिया था।

9.51 लाख का माल जब्त

बेलतरोड़ी पुलिस ने जांच कर आरोपियों का सुराग ढूंढ निकाला। बड़ा ताजबाग निवासी मोहम्मद जाकीर मोहम्मद शाहिद (23), शेख सज्जाद उर्फ साहिल शेख आबिद (21), स्वामीनगर, नारी रोड निवासी गोविंद काशीराम साखरे (23) और अमरनगर, हिंगना रोड निवासी आशुतोष उर्फ नकट्या लकीशंकर रवारे (22) को पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों से 9.51 लाख रुपये का माल जब्त किया। जांच में पता चला कि सभी आरोपियों पर चोरी और सेंधमारी के कई मामले दर्ज है। डीसीपी रश्मिता राव और एसीपी नरेंद्र हिवरे के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर मुकुंद कवाड़े ने अपनी टीम को काम पर लगाया। आरोपियों के खिलाफ शहरभर में दर्ज अपराधों की सूची निकाली गई।

20 से ज्यादा मामले दर्ज

अलग-अलग जगहों पर आरोपियों ने एक दूसरे के मदद से चोरी की 20 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया था। आरोपियों को बेल मिलने से पहले ही बेलतरोड़ी पुलिस ने सभी वारदातों का रिकॉर्ड जमा किया। आला अधिकारियों की अनुमति के बाद उपरोक्त आरोपियों पर 112 के तहत मामला दर्ज किया गया।

इसकी जानकारी न्यायालय को भी दी जा चुकी है जहां आरोपी 5 से 6 दिन में छूट रहे थे, अब उन्हें जेल से बाहर आने में उतने ही महीने लगेंगे। पीएसआई किशोर मालोकर, एएसआई अनिल बाभड़े, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र बोपचे, सचिन लाचलवार, सुहास शिंगणे और विवेक श्रीपाद ने कार्रवाई को अंजाम दिया। बेलतरोड़ी पुलिस की तरह ही अन्य थानेदारों को भी इस तरह की कार्रवाई करनी चाहिए। इससे अपराधियों कानून का डर पैदा होगा। साथ ही सेंधमारी की वारदातों पर लगाम कसने में भी मदद मिलेगी।

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