
तेंदुआ (सोर्स: सोशल मीडिया)
Thane News In Hindi: जंगल में भोजन की कमी की वजह से हिंसक जानवर अब बस्तियों की तरफ रुख करने लगे हैं। ठाणे शहर के वागले इस्टेट अंतर्गत वारलीपाड़ा में आवारा कुत्ते के पर हमले का सीसीटीवी फुटेज अभी ताजा ही था कि अब संजय गांधी नेशनल पार्क के येऊर एंट्रेंस के पास तेंदुए के एक आवारा कुत्ते पर हमला करने और उसे घसीटकर ले जाने का वीडियो सामने आया है।
इसी तरह जिले के शहापुर के पाचघर- रसालपाडा में तेंदुआ ने एक गाय को अपना शिकार बनाया है, चार दिन पहले बदलापुर तहसील के वांगणी में भी तेंदुए ने दो कुत्तों को अपना शिकार बनाया था। इन घटनाओं को लेकर लोगों में दहशत व्याप्त है।
तेंदुए को मानवी बस्ती में आने से रोकने को लेकर उपाय योजना करने की मांग की जा रही है। पिछले दिनों वागले इस्टेट के वारलीपाड़ा इलाके में एक तेंदुए के आवारा कुत्ते पर हमला करने का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
यह मामला अभी ताजा ही था कि संजय गांधी नेशनल पार्क के येऊर एंट्रेंस पर एक तेंदुए के आवारा कुत्ते पर हमला करने और उसे घसीटकर ले जाने का वीडियो सामने आया है। येऊर एंट्रेंस पर हुई इस घटना से लोगों में डर का माहौल है।
शहर के पोखरण रोड, घोडबंदर रोड पर गाहे बगाहे तेंदुआ घूमते हुए दिखता रहा है। शुक्रवार को वारलीपाड़ा में एक पालतू कुत्ते पर तेंदुए ने हमला किया था। जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। इस घटना के बाद वन विभाग की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी। टीम ने इलाके मैं सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन तेंदुआ नहीं मिला।
अब संजय गांधी नेशनल पार्क के येऊर एंट्रेस के पास एक तेंदुए के आवारा कुत्ते को घसीटने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि आवारा कुत्ता एंट्रेंस पर एक तरफ रहा है उसी समय झाड़ियों से एक तेंदुआ उसके पीछे आया।
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जिले के शहापुर तहसील अंतर्गत डौलखय संवशन में तेंदुए का आतंक जारी है। 2 जनवरी, 2026 की रात को रसालपाड़ा के किसान भाऊ गोदांबे की गाय घर चरते समय तेंदुए ने हमला कर दिया था। अगली सुबह, यानी 3 तारीख को फॉरेस्टर देसले और उनकी टीम ने मौके पर मरी हुई गाय का पंचनामा किया और लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी, बताया गया कि शहापुर तहसील क्षेत्र के जगल में करीब पंद्रह से सोलह वेदूर हैं, और सबसे ज्यादा तैदूए डोलखंब क्षेत्र में पाए गए हैं। इनमें से करीब नौ से दस तेंदुए घाटघर हाइड्रोइलेवट्रिक प्रोजेक्ट चौधे, साथ ही अजोबा देवस्थान, बंजारा व्हील (कठोरेपाड़ा), बेलावली, गुंडे, वाशला, कोटारे और सधगैह इलाकों में विचरण करते है। तेंदुए भोजन की तलाश में पारंपरिक रास्ते से घाटों की ओर चले जाते हैं, अगर घाटी में कोई छेड़छाड़ होती है, तो तेंदुए कोकण के पारंपरिक रास्ते, घाटघर, कसारा और मुरबाड होते हुए शहापुर लौट आते हैं। इनमें से कई तेंदुए मानव बस्तियों के पास पाए गए है।






