3 साल में पूरा होगा ठाणे-भिवंडी फ्लाईओवर, भिवंडीकरों में खुशी की लहर

Thane-Bhiwandi ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए MMRDA वसई क्रीक पर 6 लेन फ्लाईओवर बनाएगी। 430 करोड़ की यह परियोजना पूरी होने पर 2 घंटे का सफर सिर्फ 15 मिनट में तय होगा।
6 Lane Flyover
6 लेन फ्लाईओवर (सौ. सोशल मीडिया )
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Thane News In Hindi: ठाणे और भिवंडी के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को करीब 2 घंटे तक का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में भिवंडी शहरवासी ट्रैफ़िक जाम से जूझ रहे हैं। ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए, MMRDA ने एक नई महत्त्वाकांक्षी परियोजना की योजना बनाई है।

वसई क्रीक पर 6 लेन का फ्लाईओवर बनाकर ठाणे और भिवंडी को सीधे जोड़ने की योजना तैयार की गई है। दावा किया जा रहा है कि इस पुल के बन जाने के बाद यह सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा हो जाएगा।

बुलेट ट्रेन का बनाया जाएगा स्टेशन

गौरतलब हो कि, आगामी वर्षों में भिवंडी में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का एक महत्वपूर्ण स्टेशन स्थापित किया जाएगा। कपड़ा व्यवसाय और औद्योगिक क्षेत्र के कारण भिवंडी श्रमिकों और व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। ठाणे और मुंबई से बड़ी संख्या में श्रमिक वर्ग प्रति दिन भिवंडी आता-जाता है। वर्तमान में, यात्रियों को कोलशेत और काल्हेर के बीच बालकुम नाका और पुराने कशेली पुल से होकर यात्रा करनी पड़ती है। यहां यातायात की भीड़ बहुत रहती है। नए पुल के बन जाने से इस भीड़भाड़ से काफी राहत मिलेगी और भिवंडी के कपड़ा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा सुगम

  • ये पुल ठाणे के कोलशेत से शुरू होकर भिवंडी के काल्हेर तक जाएगा।
  • वसई क्रीक पर बनने वाला यह पुल लगभग 2.2 किलोमीटर लंबा है और इस परियोजना को कुल अनुमानित लागत 430 करोड़ रुपये होगी।
  • 6 लेन वाले पुल के बनने से मौजूदा 2 घंटे का सफ़र कुछ ही मिनटों में सिमट जाएगा। एमएमआरडीए ने महत्त्वाकांक्षी परियोजना के लिए निविदा की घोषणा की, जिसका लक्ष्य अगले 3 वर्षों में पुल का निर्माण पूरा करना है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की घोषणा

ठाणे जिले के पालक मंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व्यक्तिगत रूप से इस परियोजना की निगरानी कर रहे हैं। पुल की प्रारंभिक रिपोर्ट कुछ वर्ष पहले प्रस्तुत की गई थी।उस समय 1.64 किलोमीटर लंबे पुल के निर्माण की योजना थी और परियोजना की लागत लगभग 274 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

हालांकि, स्थान तय न होने के कारण काम रुका हुआ था। अब जब सभी आवश्यक रिपोर्ट जमा हो गई हैं, तो उम्मीद जताई जा रही है कि यह बहुप्रतीक्षित परियोजना 3 साल में पूरी हो जाएगी। भिवंडीकरों को करीब 18 किमी की अल्प दूरी की थाने से भिवंडी की थकाऊ, दुखदाई यात्रा का स्थाई समाधान होने के आसार दिखाई पड़ने से भिवंडीकरों में अपार खुशी फैली है।

-ठाणे से नवभारत लाइव के लिए गुरुप्रसाद सिंह की रिपोर्ट

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