मीरा-भाईंदर में एम्बुलेंस सेवा ठप, लोग हो रहे परेशान, अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप
Mira Bhayandar में मनपा की एम्बुलेंस सेवाएं ठप, नागरिकों को आपात स्थिति में नहीं मिल रही मदद। पूर्व समिति अध्यक्ष ने आयुक्त से जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
- Written By: आकाश मसने
एंबुलेंस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Ambulance Service: ठाणे जिल के मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में नागरिकों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता देने के लिए संचालित एम्बुलेंस सेवाएं बुरी तरह अव्यवस्थित हो गई हैं। नागरिकों की शिकायत है कि जरूरत के समय न तो एम्बुलेंस उपलब्ध होती है और न ही मनपा कार्यालय से कोई स्पष्ट जवाब मिलता है। एंबुलेंस की जिम्मेदारी पहले वाहन विभाग के पास थी, अब इसे वैद्यकीय विभाग के पास स्थानांतरित कर दिया गया है।
पूर्व स्थायी समिति अध्यक्ष रवि व्यास ने इस संबंध में महानगरपालिका आयुक्त राधाबिनोद शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कई बार नागरिकों को बताया जाता है कि एम्बुलेंस मरम्मत के लिए भेजी गई है या अन्य वार्ड से संपर्क करने को कहा जाता है, जिससे आपात स्थिति में लोगों को भारी असुविधा होती है।
मनपा की एम्बुलेंस जानबूझकर बंद रखे जाने का आरोप
व्यास ने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि मनपा के कुछ अधिकारियों की निजी एम्बुलेस मालिकों से मिलीभगत की शिकायतें सामने आई हैं। उनका कहना है कि इसी वजह से मनपा की एम्बुलेंस जानबूझकर बंद रखी जा रही हैं, जिससे निजी एम्बुलेंस संचालकों को लाभ हो रहा है।
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उन्होंने इस मामले को गंभीर जनहित का मुद्दा” बताते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदी गई एम्बुलेंस सड़कों पर दिखाई नहीं देतीं उन्होंने मनपा प्रशासन से यह जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है कि वर्तमान में कितनी एम्बुलेंस सेवा में है, कितनी मरम्मत के लिए भेजी गई हैं और कितनी निष्क्रिय है।
स्वतंत्र जांच करने की मांग
व्यास ने अपने पत्र में एम्बुलेंस सेवाओं को नियमित और अनुशासित बनाए जाने, सभी शिकायतों की स्वतंत्र जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने, दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने, नागरिकों के लिए पारदर्शी संचार व्यवस्था स्थापित करने, खरीदी गई सभी एम्बुलेंस की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने और आपातकालीन सेवाओं की निगरानी हेतु स्वतंत्र निरीक्षण तंत्र बनाए जाने की मांग की है।
अधिवक्ता व्यास ने कहा कि यह विषय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और नागरिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है, मनपा प्रशासन यदि तुरंत कार्रवाई नहीं करता, तो यह लापरवाही नागरिकों की जान पर भारी पड़ सकती है।
