Ashwini Vaishnaw rail news (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Jabalpur Rail Doubling: मंगलवार को नई दिल्ली स्थित ‘सेवातीर्थ’ कार्यालय में हुई प्रधानमंत्री की कैबिनेट बैठक में गोंदिया–जबलपुर रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी देते हुए 5,236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। रेल अवसंरचना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे की तीन परियोजनाओं के लिए कुल लगभग 9,072 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
महाराष्ट्र के गोंदिया से मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर जबलपुर को जोड़ने वाले लगभग 231 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग के दोहरीकरण का कार्य पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 5,236 करोड़ रुपये की इस परियोजना का लाभ गोंदिया के साथ जबलपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों को मिलेगा।
इस रेल लाइन के मार्ग में आने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये अंडरपास और फेंसिंग पर खर्च किए जाएंगे। साथ ही नर्मदा नदी पर एक बड़े पुल के अलावा कई मेजर और माइनर ब्रिज भी बनाए जाएंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर उत्तर से दक्षिण तक का एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर बताया है। उन्होंने कहा कि इस दोहरीकरण से विशेष रूप से बालाघाट जिले के विकास को गति मिलेगी। इससे नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट के साथ जबलपुर, मंडला और सिवनी की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परियोजना पूरी होने से प्रदेश के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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कुल 9,072 करोड़ रुपये की मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड को लाभ होगा। इन रेल लाइनों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और माल ढुलाई में आसानी आएगी।
गोंदिया-जबलपुर ट्रैक डबलिंग के अलावा पुनारख-किउल तीसरी-चौथी लाइन के लिए 2,268 करोड़ रुपये की लागत से 50 किमी रेल लाइन तथा गम्हरिया-चांडिल रेल लाइन के लिए 1,168 करोड़ रुपये की लागत से 26 किमी रेल लाइन तैयार की जाएगी। इन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे नेटवर्क में कुल 307 किलोमीटर का विस्तार होगा।