Devendra Fadnavis warning (सोर्सः सोशल मीडिया)
Online Scam Awareness: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है। यह पूरी तरह ठगी का जाल है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक अबू आजमी द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि ऐसा कोई भी कॉल, मैसेज या वीडियो कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जालसाज खुद को पुलिस अधिकारी या कस्टम अधिकारी बताकर पीड़ित को कहते हैं कि उनके नाम आए पार्सल में ड्रग्स मिली है। इसके बाद वे “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर व्यक्ति को स्क्रीन के सामने बैठे रहने को मजबूर करते हैं और भारी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लेते हैं।
There is ‘NO’ such thing as ‘Digital Arrest,’ and no one can be digitally arrested under any law. कोणीही कुठल्याही कायद्यान्वये कोणालाही ‘डिजिटल अरेस्ट’ करू शकत नाही! (विधानसभा, मुंबई | दि. 24 फेब्रुवारी 2026)#Maharashtra #Mumbai #MahaBudget2026 pic.twitter.com/KYYOVBAS22 — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 24, 2026
इस ठगी के जाल में आम नागरिकों के साथ-साथ एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी भी फंस चुके हैं। यह फर्जीवाड़ा विदेश से संचालित होता है, जबकि भारत में केवल “हैंडलर” काम करते हैं।
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फडणवीस ने बताया कि यदि गलती से पैसे ट्रांसफर हो जाएं और तुरंत 1930 पर सूचना दी जाए, तो बैंकों के समन्वय से उस राशि को फ्रीज किया जा सकता है। राज्य व केंद्र सरकार टीवी विज्ञापनों, रिंगटोन और अन्य माध्यमों से जागरूकता अभियान चला रही है। विधायक अभिजीत पाटील भी चर्चा में शामिल रहे।