शिंदे-ठाकरे को अदालत ने किया तलब, कल्याण कोर्ट में पेश होंगे दोनों पूर्व मुख्यमंत्री, जानें क्या है वजह
Uddhav Thackeray Eknath Shinde Kalyan Court: 2009 के लोकसभा चुनाव वीडियो विवाद में कल्याण कोर्ट ने उद्धव ठाकरे को 5 अगस्त और एकनाथ शिंदे को 6 अगस्त को तलब किया है।
- Written By: अनिल सिंह
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (फोटो क्रेडिट-X)
Shinde vs Thackeray in Kalyan Court: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्य के दो प्रमुख नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को कल्याण की एक स्थानीय अदालत ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी किया है।
अदालत ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को 5 अगस्त 2026 को और एकनाथ शिंदे को 6 अगस्त 2026 को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। यह पूरा मामला करीब 17 साल पुराने वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक मानहानि याचिका से जुड़ा हुआ है।
क्या है 2009 का वसंत डावखरे वीडियो विवाद?
मामले की पृष्ठभूमि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव की है, जब कल्याण लोकसभा सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के उम्मीदवार स्वर्गीय वसंत डावखरे और अविभाजित शिवसेना के उम्मीदवार आनंद परांजपे के बीच कड़ा मुकाबला था।
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22 अप्रैल 2009 को डोंबिवली में आयोजित एक चुनावी जनसभा में तत्कालीन शिवसेना कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने एक वीडियो क्लिप सार्वजनिक रूप से दिखाई थी। शिवसेना का दावा था कि इस वीडियो में वसंत डावखरे अपने कार्यकर्ताओं को पुलिस व चुनाव अधिकारियों से डरे बिना चुनाव जीतने का उकसावा दे रहे थे।
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वीडियो एडिटिंग और मानहानि का आरोप
चुनावी सभा में वीडियो दिखाए जाने के बाद वसंत डावखरे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि वीडियो को चुनिंदा तरीके से एडिट (Selectively Edited) करके पेश किया गया है, ताकि जनता के बीच उनकी छवि धूमिल की जा सके।
इसके बाद वसंत डावखरे ने उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे, आनंद परांजपे और तत्कालीन शिवसेना नेता रमाकांत देवलेकर के खिलाफ कल्याण कोर्ट में मानहानि और बदनामी का मुकदमा दायर किया था। दूसरी ओर, शिवसेना ने भी चुनाव आयोग से शिकायत कर डावखरे पर कार्रवाई की मांग की थी।
कानूनी प्रक्रिया तेज; क्या खुद पेश होंगे उद्धव और शिंदे?
वर्षों से लंबित चल रहे इस मामले में अब कल्याण अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों बड़े नेताओं को तलब किया है। अदालत के इस आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे व्यक्तिगत रूप से 5 और 6 अगस्त को कल्याण कोर्ट में हाजिर होंगे या फिर अपने वकीलों के माध्यम से जमानत व छूट का आवेदन दाखिल करेंगे।
