

Eknath Shinde Ministers Review Meeting: महाराष्ट्र की महायुति सरकार में जल्द ही बड़े राजनीतिक फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब राज्य मंत्रिमंडल में भी भारी उलटफेर की चर्चा जोरों पर है। इसी गहमागहमी के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा अपने कोटे के मंत्रियों और विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज की करीब दो घंटे तक गहन समीक्षा करने को राजनीतिक गलियारों में बेहद अहम माना जा रहा है।
मंत्रालय में आयोजित बैठक में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सभी विभागों की कार्यप्रगति का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने विकास कार्यों की स्थिति, लंबित परियोजनाओं, पर्याप्त बजट उपलब्ध होने के बावजूद काम में हो रही देरी तथा प्रशासनिक अड़चनों को लेकर मंत्रियों और अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
बैठक में अंतिम चरण में पहुंच चुके विकास कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आम जनता की शिकायतों की अनदेखी करने वाले विभागों पर भी नाराजगी जताई गई। शिंदे ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन काम में देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया गया। चर्चा है कि दादा भुसे, संजय शिरसाट, संजय राठोड और स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर के प्रदर्शन पर शिंदे ने नाराजगी जताई है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद महाराष्ट्र सरकार में भी फेरबदल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वाले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, महायुति सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कई बार दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इन मुलाकातों के बाद से राज्य के सियासी गलियारों में लगातार मंत्रिमंडल विस्तार को चर्चाएं हो रही है।