पुणे के जगदीश आफले संभालेंगे राम मंदिर ट्रस्ट में सचिव का पद, आंदोलन से निर्माण तक सेवा का अटूट रिकॉर्ड

Jagdish Aphale Ram Mandir Trust: पुणे के आईआईटी बॉम्बे पासआउट जगदीश आफले को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नया सचिव प्रस्तावित किया गया है। रमंन्दिर से उनका पुराना नाता है। 
Jagdish Aphale Ram Mandir Trust
पुणे के आईआईटीयन जगदीश आफले (फोटो क्रेडिट-X)
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Jagdish Aphale Ram Mandir Trust First Secretary: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक और रणनीतिक प्रबंधन की जिम्मेदारी अब महाराष्ट्र के पुणे निवासी जगदीश आफले संभालने जा रहे हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे से पासआउट और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित कार्यकर्ता रहे जगदीश आफले को 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' का प्रथम सचिव बनाए जाने के लिए नाम प्रस्तावित किया गया है।

आफले के नाम का औपचारिक ऐलान 2 सितंबर 2026 को किए जाने की उम्मीद है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में बेहद अहम मानी जा रही है जब राम मंदिर में दान और चढ़ावे में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर देश भर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं।

22 जुलाई की बैठक में लिया गया था पद का फैसला

न्यास के सूत्रों और अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के अनुसार, ट्रस्ट ने बीते 22 जुलाई 2026 को हुई अपनी बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 'सचिव' और 'प्रवक्ता' के नए पद सृजित करने का फैसला लिया था।

कृष्ण मोहन ने पुष्टि की है कि सचिव पद के लिए जगदीश आफले का नाम सर्वसम्मति से प्रस्तावित हुआ है और चयन प्रक्रिया की औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। आफले राम मंदिर निर्माण के शुरुआती चरण से ही अयोध्या में बतौर परियोजना प्रबंधक (प्रोजेक्ट मैनेजर) कार्य कर चुके हैं और उनकी छवि एक बेहद ईमानदार व निष्कलंक विशेषज्ञ की रही है।

IIT बॉम्बे से एमटेक और विदेश में काम का शानदार अनुभव

मूल रूप से पुणे के पद्मावती इलाके के रहने वाले जगदीश आफले का अकादमिक और पेशेवर बायोडाटा बेहद मजबूत है। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और आईआईटी बॉम्बे से एमटेक की डिग्री हासिल की है। उन्होंने भारत के साथ-साथ यूरोप और अमेरिका की शीर्ष तकनीकी कंपनियों में वर्षों तक सेवाएं दी हैं।

Jagdish Aphale Ram Mandir Relation

अमेरिका में रहते हुए आफले दंपति ने लगभग तीन वर्षों तक संघ (RSS) के पूर्णकालिक 'विस्तारक' के रूप में जिम्मेदारी निभाई है। उनकी पत्नी माधुरी आफले भी मंदिर वास्तुकला और मूर्तिकला की विशेषज्ञ हैं। दोनों ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के दौरान अपनी सेवाएं दी हैं।

1989 के कारसेवक से मंदिर निर्माण के सूत्रधार तक

जगदीश आफले का राम मंदिर आंदोलन से 35 से अधिक वर्षों का गहरा जुड़ाव रहा है। वे 1989 में रामशिला पूजन के दौरान स्वयं पुणे से पवित्र ईंट (रामशिला) लेकर अयोध्या पहुंचे थे। इसके बाद वे 1991-92 में लालकृष्ण आडवाणी की ऐतिहासिक रथ यात्रा और कारसेवा में एक समर्पित कारसेवक के रूप में शामिल रहे।

जब सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ, तो वे अपनी कॉर्पोरेट पृष्ठभूमि छोड़ अयोध्या पहुंचे और प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में दिन-रात सेवा दी। अब वे राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक प्रमुख (सचिव) के रूप में पारदर्शी व्यवस्था की कमान संभालेंगे।

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