उन्होंने बताया कि जब वह और उनके समर्थक बाद में अपने कार्यालय लौटे तो वहां पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उनकी कार को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया, जिसमें बोरगांवकर और सपाट बंधु घायल हो गए। घटना में कार का शीशा भी टूट गया। उन्होंने बताया कि जब तक स्थानीय शिवसेना कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, हमलावर भाग गए।