
BJP और शिवसेना शिंदे गुट फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Kalyan Dombivli Municipal Corporation Election: डोंबिवली पूर्व के प्रभाग नंबर 29 के तुकारामनगर और सुनीलनगर इलाके में KDMC (कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका) चुनाव के दौरान राजनीतिक तनाव हिंसा में तब्दील हो गया है। इस वार्ड में शिवसेना (शिंदे गुट) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार आमने-सामने हैं और बीते कुछ दिनों से यहां तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था।
दो दिन पहले शिवसेना (शिंदे) गुट के उम्मीदवार नितिन मट्या पाटिल ने आरोप लगाया था कि BJP उम्मीदवार के प्रचारकों ने वार्ड में चुनावी पर्चों के साथ पैसे बांटे हैं। इस आरोप के बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच माहौल और अधिक गरमा गया।
इसी विवाद के बीच मंगलवार को एक गंभीर हिंसक घटना सामने आई। आरोप है कि शिवसेना (शिंदे) पार्टी के उम्मीदवार नितिन मट्या पाटिल, रवि मट्या पाटिल और उनके साथ मौजूद आठ अन्य कार्यकर्ताओं ने सुनीलनगर के भगतवाड़ी इलाके में BJP महिला उम्मीदवार के पति ओमनाथ नाटेकर (47) पर हमला कर दिया। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चुनावी माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
इस मामले में ACP सुहास हेमाडे ने जानकारी देते हुए बताया कि BJP नेता ओमनाथ नाटेकर की शिकायत के आधार पर रामनगर पुलिस स्टेशन में शिवसेना (शिंदे) गुट के उम्मीदवार और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस केस में शिंदे गुट के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
ACP हेमाडे के अनुसार, इस झड़प में शिवसेना (शिंदे) के उम्मीदवार नितिन पाटिल भी घायल हुए हैं। फिलहाल वे पुलिस कस्टडी में हैं और उनका इलाज जारी है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। इस हिंसक टकराव में BJP के दो पदाधिकारी और शिवसेना के भी दो कार्यकर्ता घायल हुए हैं। घटना के विरोध में BJP की ओर से रामनगर पुलिस स्टेशन तक साइलेंट मोर्चा निकाला गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिंदे गुट के उम्मीदवार और इस हिंसा में शामिल सभी कार्यकर्ताओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
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गौरतलब है कि मंगलवार को KDMC चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था और अब महज दो दिन बाद मतदान होना है। ऐसे संवेदनशील समय में हुई यह हिंसा चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्रचार के अंतिम चरण में KDMC चुनाव ने हिंसक मोड़ ले लिया है, जिससे स्थानीय मतदाताओं में भी चिंता और डर का माहौल है।
– नवभारत लाइव के लिए अशोक वर्मा की रिपोर्ट






