भिवंडी मनपा में सत्ता की जंग तेज, ऑर्डर मिलते ही महापौर चुनाव में बढ़ेगी सियासी हलचल

Bhiwandi Municipal Election के नतीजों के 20 दिन बाद भी महापौर का चुनाव लंबित है। कोंकण आयुक्त के आदेश के बिना विशेष बैठक नहीं हो पा रही, जिससे शहर के विकास और बुनियादी फैसले प्रभावित हो रहे हैं।
Bhiwandi Municipal CorporationMayor Election BJP Internal Conflict
भिवंडी महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bhiwandi Mayor Election Delay: महानगर पालिका चुनाव के नतीजे आए हुए भले ही 20 दिन बीत गए हों, लेकिन भिवंडी में महापौर का चुनाव अभी भी अटका हुआ है।

राज्य की ज्यादातर महानगर पालिकाओं में मंगलवार को मेयर का चुनाव पूरा हो गया, लेकिन कोंकण कमिश्नर ऑफिस से जरूरी ऑर्डर न मिलने की वजह से भिवंडी में यह प्रक्रिया रुकी हुई है।

इसलिए, भिवंडी मनपा को महापौर कब मिलेगा, यह सवाल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब हो कि, कोंकण आयुक्तालय से ऑर्डिनेंस के बिना स्पेशल मीटिंग नहीं हो सकती।

नतीजतन, शहर के तमाम विकास कार्य एडमिनिस्ट्रेटिव अनिश्चितता में फंसे हुए हैं। सड़क, पानी की सप्लाई, सफ़ाई और ट्रांसपोर्ट जैसे बेसिक मुद्दों पर फ़ैसले लेने के लिए काबिल लीडरशिप की जरूरत है, तो महापौर पद का खाली होना खतरनाक होता जा रहा है।

भिवंडी सेक्युलर फ्रंट-महायुति ने संभाला मोर्चा

  • महापौर पद के लिए भिवंडी सेक्युलर फ्रंट ने मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस, राकां (शरद पवार ग्रुप) और समाजवादी पार्टी ने मिलकर 'भिवंडी सेक्युलर फ्रंट' बनाया है और महापौर पद पर साफ दावा ठोंक दिया है।
  • दूसरी तरफ, भाजपा और शिंदे सेना, कोणार्क विकास आघाडी, भिवंडी विकास मंच भी अपनी एक्टिविटी बढ़ा रही है।
  • ऐसे संकेत है कि कोंकण आयुक्त का ऑर्डर आते ही भिवंडी की पॉलिटिक्स में बड़ी खींचतान शुरू हो जाएगी। भिवंडीकरों की निगाहें कोकण आयुक्त कब हरी झंडी देगे, इस पर टिकी है।

महानगर पालिका में सभी दलों के पार्षदों की संख्या

90 नगरसेवकों वाली भिवंडी मनपा में कांग्रेस के 30, नेशनलिस्ट कांग्रेस (शरद पवार ग्रुप) के 12, B।JP के 22, शिंदे ग्रुप के 12 शिवसेना, समाजवादी पार्टी के 6, कोणार्क विकास अघाड़ी के 4, भिवंडी विकास अघाड़ी के 3 और एक निर्दलीय है।

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