RTE Admission 2026-27 पर संकट: पुणे-पिंपरी के निजी स्कूलों ने रोका रजिस्ट्रेशन, गरीब बच्चों के दाखिले अटके

Right To Education Act: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में RTE के तहत मुफ्त प्रवेश की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। कई निजी स्कूलों ने अब तक पोर्टल पर जानकारी दर्ज नहीं की।
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शिक्षा का अधिकार (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune PCMC RTE Admission: शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर मुफ्त प्रवेश' के प्रावधान के बावजूद पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के कई निजी स्कूलों ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से दूरी बना ली है।

एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार पुणे की लगभग 47% और पिंपरी-चिंचवड़ की 40.55% निजी स्कूलों ने अब तक इस प्रक्रिया के लिए अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं की है।

स्कूलों की इस बेरुखी के पीछे सबसे बड़ा कारण सरकार द्वारा 'शुल्क प्रतिपूर्ति' का बकाया होना बताया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सरकार की ओर से पिछले कई वर्षों का फंड रुका हुआ है, जिससे स्कूलों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार पर स्कूलों का लगभग 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। जब तक यह बकाया राशि नहीं मिलती, कई स्कूल पंजीकरण करने में हिचकिचा रहे हैं।

स्कूलों ने जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं की

अकादमिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूलों के पंजीकरण की समय सीमा को पहले ही 30 जनवरी तक बढ़ाया गया था, लेकिन स्कूलों के इस रुख के कारण गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया में देरी हो रही है, जिससे अभिभावकों में चिता का माहौल है। प्रशासन द्वारा बार-बार अपील और मुदतवाढ (एक्सटेंशन) देने के बाद भी, पुणे के प्रतिष्ठित स्कूलों ने भी अभी तक पोर्टल पर अपनी सीटों का विवरण साझा नहीं किया है, शिक्षा विभाग अब इन स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और प्रक्रिया में तेजी लाने पर विचार कर रहा है ताकि समय पर लॉटरी प्रक्रिया शुरू की जा सके।

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