
बॉम्बे हाई कोर्ट ट्री कटिंग ऑर्डर (सौ. सोशल मीडिया )
PMC Tree Cutting Transparency Notice: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे महानगर पालिका (PMC) को शहर में हो रही वृक्ष कटाई के मामलों में गंभीर लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है और इसे केवल प्रशासनिक नीति नहीं बल्कि अनिवार्य जिम्मेदारी माना जाना चाहिए।
अदालत के निरीक्षण में सामने आया कि मनपा द्वारा जारी किए जाने वाले सार्वजनिक नोटिस अक्सर अस्पष्ट और अधूरी जानकारी वाले होते हैं। इससे नागरिकों को यह समझने में कठिनाई होती है कि किन पेड़ों को और किस कारण से काटा जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि सूचना देना केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों को स्पष्ट और सटीक जानकारी मिलनी चाहिए।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि भविष्य में जारी होने वाले प्रत्येक नोटिस में पेड़ों की संख्या, प्रजाति और संबंधित क्षेत्र का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। साथ ही, कटाई के पीछे का वैज्ञानिक आधार और अनिवार्य कारण भी सार्वजनिक करना होगा, ताकि नागरिकों को पारदर्शी तरीके से पूरी जानकारी मिल सके।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल पुणे महानगर पालिका तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि आदेश की प्रति सभी महानगर पालिकाओं को भेजी जाए, जिससे पूरे महाराष्ट्र में वृक्ष संरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं और नागरिक समूहों ने इसे शहरी हरियाली बचाने की दिशा में सकारात्मक पहल बताया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस आदेश से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक वृक्ष कटाई पर रोक लगेगी।






