Bhimsen Joshi Hospital Rat Bite Case (फोटो क्रेडिट-X)
Mira Bhayandar Hospital Negligence Death: मीरा-भाईंदर के भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी (टेंबा) सरकारी अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती एक 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चूहे द्वारा कुतरे जाने के बाद उनकी मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोल दी है। सोमवार, 16 मार्च 2026 को हुई इस घटना के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल अधीक्षक को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया है।
बुजुर्ग महिला का इलाज गंभीर स्थिति में आईसीयू में चल रहा था, जहाँ चूहे ने उनके हाथ को बुरी तरह कुतर दिया। घाव गहरा होने के कारण महिला के शरीर में ‘ब्लड क्लॉटिंग’ (खून का थक्का जमना) की समस्या शुरू हो गई, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ गई और शाम तक उन्होंने दम तोड़ दिया।
मामले की गंभीरता और सार्वजनिक आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. जाफर ताडवी को 15 दिनों के अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही, घटना के समय ड्यूटी पर तैनात डॉ. शांतनु कोंडगिर और संविदा पर कार्यरत नर्स नमिता भोनार को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। ठाणे जिला शल्य चिकित्सक (Civil Surgeon) डॉ. कैलाश पवार ने स्वयं अस्पताल का दौरा कर पूरी व्यवस्था का जायजा लिया और भविष्य में ऐसी चूक न होने के निर्देश दिए।
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इस घटना की खबर फैलते ही भाईंदर में तनाव व्याप्त हो गया। शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने भीमसेन जोशी अस्पताल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में फंड की कमी नहीं है, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही मरीजों की जान ले रही है। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि केवल छुट्टी पर भेजना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
आईसीयू जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र में, जहाँ संक्रमण रोकने के लिए कड़े नियम होते हैं, वहां चूहे का प्रवेश करना अस्पताल के ‘पेस्ट कंट्रोल’ और सफाई तंत्र की विफलता को दर्शाता है। 89 वर्षीय महिला, जो पहले से ही बीमारी से लड़ रही थी, उसे चूहे के हमले का सामना करना पड़ा, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। मीरा-भाईंदर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या आईसीयू के खिड़की-दरवाजों या ड्रेनेज लाइन में कोई खामी थी जिसके जरिए चूहा अंदर दाखिल हुआ।