ठाणे पुलिस की गिरफ्त में गैंगस्टर रवि पुजारी: 2017 गोलीबारी मामले में 27 मार्च तक रिमांड पर

Gangster Ravi Pujari Arrest Thane: गैंगस्टर रवि पुजारी को 2017 रंगदारी और गोलीबारी मामले में ठाणे पुलिस ने गिरफ्तार किया। मकोका अदालत ने 27 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेजा। पढ़ें पूरी खबर।
Ravi Pujari Police Custody MCOCA Court
Ravi Pujari Police Custody MCOCA Court (फोटो क्रेडिट-X)
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Ravi Pujari Police Custody MCOCA Court: ठाणे पुलिस ने अंडरवर्ल्ड डॉन और कुख्यात गैंगस्टर रवि पुजारी (रवि प्रकाश सुल्या पुजारी) को साल 2017 के एक सनसनीखेज रंगदारी और गोलीबारी मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार, 18 मार्च 2026 को 57 वर्षीय पुजारी को कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष मकोका (MCOCA) अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 27 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। ठाणे क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने बेंगलुरु की परप्पना अग्रहरा सेंट्रल जेल से पुजारी की कस्टडी ली है।

यह गिरफ्तारी सेनेगल सरकार द्वारा पुजारी के खिलाफ नौ अतिरिक्त मामलों में मुकदमा चलाने की अनुमति देने के बाद संभव हो पाई है, जिससे अब महाराष्ट्र में लंबित उसके 50 से अधिक मामलों की फाइलें दोबारा खुलने लगी हैं।

2017 रंगदारी और गोलीबारी कांड का खुलासा

कासारवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज यह मामला 2017 का है, जब रवि पुजारी के गुर्गों ने ठाणे के एक बड़े बिल्डर से रंगदारी वसूलने के लिए उसके दफ्तर पर गोलीबारी की थी। पुलिस का मानना है कि इस रिमांड के दौरान पुजारी से उन हथियारों के स्रोत और स्थानीय संपर्कों के बारे में पूछताछ की जाएगी, जिन्होंने उसे ठाणे और आसपास के इलाकों में रंगदारी का नेटवर्क चलाने में मदद की थी। इससे पहले, जनवरी 2026 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसे बॉलीवुड कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में भी गिरफ्तार किया था।

सेनेगल से प्रत्यर्पण और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

रवि पुजारी को फरवरी 2020 में पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट फोन के जरिए बिल्डरों और फिल्मी सितारों को धमकी देने के लिए कुख्यात रहा है। प्रत्यर्पण संधि की जटिलताओं के कारण पहले पुलिस उसे सीमित मामलों में ही गिरफ्तार कर पा रही थी, लेकिन अब विदेशी सरकार से अतिरिक्त मंजूरी मिलने के बाद भारतीय जांच एजेंसियों के हाथ मजबूत हो गए हैं। पुजारी 2019 में सेनेगल में अपनी गिरफ्तारी के बाद जमानत तोड़कर दक्षिण अफ्रीका भाग गया था, जहाँ से उसे दोबारा पकड़कर भारत लाया गया।

मकोका अदालत की कार्रवाई और भविष्य की चुनौतियां

विशेष मकोका अदालत ने पुजारी के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उसे लंबी पुलिस हिरासत में भेजा है। ठाणे पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जेल में रहने के बावजूद क्या पुजारी का सिंडिकेट अभी भी सक्रिय है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली के दर्जनों मामले दर्ज हैं। जांचकर्ताओं का लक्ष्य पुजारी के पूरे वित्तीय ढांचे को ध्वस्त करना है, जिसके जरिए वह विदेशों में बैठकर अपना साम्राज्य चलाता था। 27 मार्च तक चलने वाली इस पूछताछ में कई सफेदपोश मददगारों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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