आईसीयू में चूहे के हमले से 89 वर्षीय महिला की मौत, टेंबा अस्पताल की लापरवाही पर उठे सवाल, UBT का प्रदर्शन

Elderly Woman Death ICU: भाईंदर के टेंबा सरकारी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती 89 वर्षीय महिला को चूहे के काटने की घटना के बाद मौत हो गई, जिससे अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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Elderly Woman Death ICU (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Temba Hospital Bhayander Incident: भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी (टेम्बा) सरकारी अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला को कथित रूप से चूहे ने कुतर दिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, सुहासिनी दामोदर माठेकर (89) को 12 मार्च को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था।

चूहे के काटने के निशान

परिजनों के मुताबिक, रविवार आधी रात के आसपास आईसीयू में घुसे एक चूहे ने महिला के हाथ को कुतर दिया, जिससे उनके हाथ से खून बहने लगा। इस घटना की जानकारी परिवार को तब हुई जब सोमवार सुबह करीब 6 बजे रिश्तेदार महिला से मिलने आईसीयू पहुंचे। उन्होंने देखा कि महिला के हाथ से खून बह रहा था और पास में चूहे के काटने के निशान थे। परिजनों का आरोप है कि आईसीयू जैसे संवेदनशील विभाग में चूहों की मौजूदगी अस्पताल की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान दिया जाता तो ऐसी घटना नहीं होती। महिला की पुत्री मिलन माठेकर का आरोप है कि चूहे के काटने और उससे हुए संक्रमण के कारण उनकी मां की मौत हुई है और इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की है।

अस्पताल में हंगामा

मामला सामने आने के बाद सोमवार सुबह अस्पताल में भारी हंगामा हुआ। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के ओवला-मजीवाड़ा विधानसभा प्रमुख सचिन पोकले, शहर अध्यक्ष संदीप राणे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की पूर्व नगरसेविका नीलम धवन ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल के मुख्य सर्जन डॉ. जफर तड़वी के खिलाफ नारेबाजी की।

हालांकि पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में करते हुए सभी को अस्पताल परिसर से बाहर किया। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं मृतक के परिजन अस्पताल प्रशासन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पर अड़े हुए हैं।

जांच के आदेश

पिछले कुछ महीनों से दावा किया जा रहा था कि इस सरकारी अस्पताल की स्थिति में सुधार हुआ है और यहां मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। हालांकि इस घटना ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य सर्जन डॉ. जफर तड़वी ने कहा, “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

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