मासूम ग्रंथ की मौत के एक साल बाद भी नहीं मिला न्याय, परिवार का आरोप-दोषियों को बचा रही मनपा
Granth Mutha Death Case: भाईंदर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के स्विमिंग पूल में एक साल पहले मासूम ग्रंथ मुथा की मौत के मामले में अब तक न्याय न मिलने पर परिवार ने मनपा पर गंभीर आरोप लगाया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Bhayandar swimming pool accident (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Municipal Negligence: मीरा – भाईंदर मनपा के स्व। गोपीनाथ मुंडे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक साल पहले 20 अप्रैल 2025 को हुए दर्दनाक हादसे में मासूम ग्रंथ मुथा की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई थी। घटना के एक वर्ष बीत जाने के बावजूद भी परिजनों को अब तक न्याय नहीं मिल सका है, जिससे परिवार में आक्रोश और निराशा का माहौल है।
मृतक बच्चे के पिता हसमुख मुथा ने आरोप लगाया है कि इस मामले में मनपा अधिकारी दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का संचालन वसई-विरार की साहस चैरिटेबल ट्रस्ट को ठेके पर दिया गया था, जिसने आगे सब-ठेकेदार को जिम्मेदारी सौंप दी थी।
कोई भी सुरक्षा रक्षक मौजूद नहीं था
परिजनों का कहना है कि हादसे के समय स्विमिंग पूल पर कोई भी सुरक्षा रक्षक मौजूद नहीं था, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। घटना के बाद कई जनप्रतिनिधियों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब इस मुद्दे पर सन्नाटा है।
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15 दिनों में रिपोर्ट देने की बात कही थी
हसमुख मुथा के अनुसार, मनपा ने 6 मई को जांच समिति गठित कर 15 दिनों में रिपोर्ट देने की बात कही थी, लेकिन आज तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई, न तो ठेकेदार का ठेका रद्द किया गया और न ही उसे ब्लैकलिस्ट किया गया है।
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जांच में यह भी सामने आया है कि कॉम्प्लेक्स में तैनात सुरक्षा रक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन तक नहीं कराया गया था। परिवार का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। एक साल बाद भी न्याय की राह देख रहे परिजन अब जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
