

Pune Hawkers Police Verification: शहर में अवैध फेरीवालों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए पुणे महानगरपालिका ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नई नीति के तहत अब सभी फेरीवालों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया जाएगा।
महापौर मंजुषा नागपुरे के इस निर्णय के अनुसार, सत्यापन के बाद प्रत्येक पात्र फेरीवाले को एक आधुनिक बारकोड और QR कोड युक्त डिजिटल पहचान पत्र व लाइसेंस दिया जाएगा। इसमें व्यवसायी का पूरा विवरण, उसके व्यवसाय का प्रकार और उसे आवंटित स्थान की जानकारी दर्ज होगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में अनधिकृत रूप से कारोबार करने वाले फेरीवालों पर अंकुश लगाना है। साथ ही, वैध लाइसेंसधारी विक्रेताओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल उपलब्ध कराना भी इसका लक्ष्य है।
महापौर के अनुसार, इस नई प्रणाली से न केवल अतिक्रमण कम होगा, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। डिजिटल पहचान से प्रशासन को निगरानी में आसानी होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
फेरीवाला संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और महानगरपालिका को लिखित आश्वासन दिया है कि वे निर्धारित स्थान पर ही व्यापार करेंगे।
संगठनों ने यह भी जिम्मेदारी ली है कि वे शहर में स्वच्छता बनाए रखेंगे, कचरा नहीं फैलाएंगे और सार्वजनिक यातायात में किसी प्रकार की बाधा नहीं डालेंगे। इससे शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था को भी फायदा मिलेगा।
यह पहल पुणे को एक सुव्यवस्थित और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे प्रशासन और नागरिकों दोनों को लाभ मिलेगा।