गड़चिरोली में बढ़ा गर्मी का प्रकोप, अस्पतालों में बनाए गए ‘हीट स्ट्रोक कक्ष’
Gadchiroli Heatstroke Alert: गड़चिरोली में बढ़ती गर्मी और हीट स्ट्रोक के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष कक्ष शुरू किए हैं और नागरिकों से सावधानी बरतने व तुरंत इलाज कराने की अपील की है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Gadchiroli Heatstroke Alert (सोर्सः सोशल मीडिया)
Health Department Advisory Maharashtra: गड़चिरोली जिले में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है और तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक (लू) का खतरा बढ़ गया है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने निवारक उपाय शुरू कर दिए हैं। जिला शल्य चिकित्सक डा। वर्षा लहाडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा। प्रताप शिंदे और महामारी अधिकारी डा। रुपेश पेंदाम ने नागरिकों से बढ़ती गर्मी से बचाव करने की अपील की है।
हीट स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत और प्रभावी उपचार उपलब्ध हो, इसके लिए जिले के जिला अस्पताल, सभी ग्रामीण अस्पताल (RH) तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्तर पर अलग से ‘हीट स्ट्रोक कक्ष’ स्थापित किए गए हैं। इन कक्षों में विशेष बेड, कूलर/एसी, पर्याप्त मात्रा में ओआरएस (ORS), आईवी फ्लूइ तथा आपातकालीन दवाइयों का भंडार उपलब्ध कराया गया है। इस दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ। प्रताप शिंदे ने कहा, कि, गड़चिरोली जिले के दूर-दराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हीट स्ट्रोक कक्ष शुरू किए गए हैं।
घर-घर जागरूकता अभियान
गर्मी के दिनों में खेतों या काम पर जाने वाले लोगों को खुद को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। यदि किसी को चक्कर आए या अस्वस्थ महसूस हो, तो घरेलू उपचार पर निर्भर न रहकर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराना चाहिए। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
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वहीं जिला शल्य चिकित्सक डा। वर्षा लहाडे ने कहा कि, बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। इससे बचने के लिए लोगों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। जिले के सभी सामान्य और ग्रामीण अस्पताल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं व सभी चिकित्सा अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग से करे संपर्क
लू से बचना है, तो तेज धूप में (विशेषकर दोपहर 2 से 4 बजे) भारी शारीरिक काम न करें, छोटे बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में न छोड़ें, शराब, चाय, कॉफी और अधिक शक्कर वाले पेय पदार्थों से बचें, नंगे पैर बाहर न निकलें, हमेशा चप्पल या जूते पहनें ऐसा आह्वान स्वास्थ्य विभाग ने किया है।
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इस दौरान हीट स्ट्रोक एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है। यदि किसी व्यक्ति में इसके लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल के हीट स्ट्रोक कक्ष में भर्ती कराएं अथवा 108/102 नंबर पर एम्बुलेंस के लिए संपर्क करें, ऐसी अपिल स्वास्थ्य विभाग ने की है।
हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण
शरीर का तापमान अचानक बढ़ना, चक्कर आना या मितली होना, तेज सिरदर्द, अत्यधिक प्यास लगना और पेशाब की मात्रा कम होना, सांस लेने में तकलीफ और दिल की धड़कन तेज होना, गंभीर स्थिति में भ्रम होना या बेहोशी आना आदि लू के लक्षण है। इसके लिए बाहर जाते समय सिर पर टोपी, रूमाल या छाता रखें। पर्याप्त पानी, छाछ, नींबू पानी या नारियल पानी बार-बार पिएं, हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें, संभव हो तो दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर में ही अथवा छांव में रहें।
