नागपुर विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही! छात्र प्रेजेंट था फिर भी मार्कशीट में दिखाया 'Absent', करियर पर संकट

RTMNU News: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की बड़ी चूक सामने आई है। उपस्थिति पत्रक में हस्ताक्षर होने के बावजूद छात्र को अनुपस्थित दिखाकर फेल कर दिया गया है।
Nagpur University Result Error
नागपुर विश्वविद्यालय (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur University Result Error: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से जुड़ी गंभीर लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। परीक्षा प्रक्रिया संभालने वाली कंपनी की लगातार गलतियों के कारण जहां सैकड़ों परीक्षाओं के परिणाम अभी तक घोषित नहीं हो पाए हैं, वहीं घोषित परिणामों में भी बड़ी त्रुटियां सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में एक अभियांत्रिकी छात्र को परीक्षा में उपस्थित रहने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाकर फेल कर दिया गया है, जिससे उसके पूरे वर्ष पर संकट मंडरा रहा है।

यह मामला प्रियदर्शिनी इंजीनियरिंग कॉलेज के सिविल इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के छात्र का है। आदित्य अपने अंतिम वर्ष में था और ग्रीष्मकालीन परीक्षा में आपदा प्रबंधन विषय में अनुत्तीर्ण हो गया था। इसके बाद उसने शीतकालीन परीक्षा दी थी, जिसका परीक्षा केंद्र राधिकाताई पांडव कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग था। परिणाम घोषित होने पर आदित्य को बड़ा झटका लगा, जब उसकी मार्कशीट में उसे अनुपस्थित दर्शाया गया जबकि प्रायोगिक परीक्षा में उसे 15 अंक मिले हैं, लेकिन लिखित परीक्षा में शून्य अंक दिए गए हैं।

कंपनी के नये-नये कारनामे उजागर

आदित्य ने इस त्रुटि को साबित करने के लिए परीक्षा केंद्र से उपस्थिति पत्रक (Attendance Sheet) प्राप्त की, जिसमें उसकी उपस्थिति और हस्ताक्षर स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। अब वह मार्कशीट और उपस्थिति प्रमाण के साथ नागपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के चक्कर काट रहा है। इस पूरे मामले में विभाग गंभीरता दिखाएगा या नहीं, इस पर सवाल उठ रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा प्रक्रिया का ठेका ‘कोएम्प्ट प्रा. लि.’ कंपनी को दिए जाने के बाद से लगातार अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। शीतकालीन परीक्षा के दौरान रोज नए विवाद सामने आ रहे हैं।

देरी के बाद भी लापरवाही

एक ओर जहां शीत सत्र की परीक्षाएं शुरू होने में करीब डेढ़ महीने की देरी हुई वहीं दूसरी ओर परीक्षा के 45 दिनों बाद भी परिणाम घोषित नहीं हो रहे हैं। अब भी करीब 600 परीक्षाओं के परिणाम लंबित हैं। इन गड़बड़ियों के कारण विश्वविद्यालय और परीक्षा विभाग की छवि को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में संबंधित कंपनी और परीक्षा विभाग पर क्या कार्यवाही होती है।

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