एसटी बस रियायत के लिए NCMC कार्ड अनिवार्य, भंडारा में 33 हजार पंजीकरण
Bhandara Bus Concession Scheme: महाराष्ट्र एसटी बसों में रियायती यात्रा के लिए NCMC कार्ड अनिवार्य किया गया है, भंडारा जिले में ढाई महीनों में 33,000 से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण किया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
ST Bus Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
NCMC Card ST Bus Maharashtra: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) ने बस यात्रा में दी जाने वाली विभिन्न रियायतों के लिए ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (NCMC) अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन शुरू हो चुका है और फरवरी से 14 अप्रैल तक मात्र ढाई महीनों में 33,010 यात्रियों ने इस स्मार्ट कार्ड के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें सबसे अधिक संख्या महिला सम्मान योजना के लाभार्थियों की है।
पंजीकरण में तुमसर आगार जिले में पहले स्थान पर रहा है। एसटी द्वारा विद्यार्थी, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और अन्य मिलाकर लगभग 35 वर्गों को यात्रा में रियायत दी जाती है। पहले फर्जी पहचान पत्रों के इस्तेमाल की शिकायतें मिलती थीं। अब NCMC कार्ड अनिवार्य होने से वास्तविक लाभार्थियों तक ही सुविधा पहुंचेगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
शुल्क और सुविधाएं
स्मार्ट कार्ड के लिए 199 रुपये शुल्क निर्धारित, कार्ड खराब या पुराना होने पर 149 रुपये में नया कार्ड, न्यूनतम 100 रुपये बैलेंस अनिवार्य, रिचार्ज 50 रुपये के गुणांक में किया जा सकेगा। रिचार्ज की सुविधा बसों में ETIM मशीन, आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और अधिकृत एजेंटों के माध्यम से उपलब्ध है। छात्रों के कार्ड सरल नंबर से जबकि वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के कार्ड आधार नंबर से जोड़े जाएंगे। दिव्यांगों के लिए UDID नंबर लिंक करना जरूरी है।
सम्बंधित ख़बरें
मृग नक्षत्र में भी नहीं मिली राहत, साकोली में तेज गर्मी और उमस से लोग बेहाल
अन्नदाता फिर चिंता में, मृग नक्षत्र में बारिश की बेरुखी, खरीफ फसलों पर मंडराया संकट
मोहाड़ी में अवैध मुरूम खनन का आरोप, पूर्व सरपंच ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
कारधा वैनगंगा पुल पर अंधेरे का साम्राज्य, बंद स्ट्रीट लाइट से बढ़ा हादसों का खतरा
ये भी पढ़े: महाराष्ट्र: खिलाड़ियों के लिए ‘क्रीड़ा ई-प्रमाण’ प्रणाली लागू; 5% आरक्षण में फर्जीवाड़ा रोकने को AI का सहारा
डिजिटल व्यवस्था की ओर कदम
अमृत वरिष्ठ नागरिक, स्वतंत्रता सेनानी और मान्यता प्राप्त पत्रकारों को ये कार्ड विभागीय मुख्यालय से वितरित किए जा रहे है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सहायता के लिए अधिकृत एजेंट नियुक्त किए गए हैं। इस स्मार्ट कार्ड से छुट्टे पैसों की समस्या खत्म होगी और यात्रियों का समय भी बचेगा, जिससे एसटी सेवा डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बन रही है।
