
Thailand Bhikkhuni Sangha:थाईलैंड से आए बुद्ध चतु परिसा भिक्खुणी संघ (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Buddhist Event: डॉ. बाबासाहब आंबेडकर उत्कर्ष प्रतिष्ठान, प्रबोधन नगर, अकोला में थाईलैंड से आए बुद्ध चतु परिसा भिक्खुणी संघ तथा श्रामणेरी संघ का भव्य स्वागत किया गया। गुरुवार, 2 जनवरी को आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पिंडपात समारोह (चारिका) और धम्मदेसना उत्साहपूर्वक संपन्न हुई।
थाईलैंड से आए भिक्खुणी संघ का नेतृत्व भिक्खुणी विसुत्ती याना द्वि पातीगोवस्त तिपीटका महिंद्रा संघमित्ता धम्मपाला थेरवादा फलाबोधी महाथेरी ने किया। उनके साथ भिक्खुणी विज्जा विमुत्ती, भिक्खुणी चिरावटना, भिक्खुणी समुद तेजना, भिक्खुणी वितक्का-विचारा, भिक्खुणी विशाखा, भिक्खुणी अभित्रा, भिक्खुणी सुनंदाबोधी और भिक्खुणी करुणाशिला सहित अनेक वरिष्ठ भिक्खुणियाँ उपस्थित थीं। कुल 105 आदरणीय भिक्खुणी संघ का आगमन 1 जनवरी 2026 को नागपुर से अकोला में हुआ।
पिंडपात समारोह का आयोजन सुबह 9 से 10 बजे तक किया गया। इसके पश्चात दोपहर 12:30 बजे धम्मदेसना का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर सभी भिक्खुणी संघ के लिए प्रतिष्ठान परिसर में भोजनदान की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में न्यू महसूल कॉलोनी, शिक्षक कॉलोनी, प्रबोधन नगर और खडकी, अकोला के उपासिका संघ की सैकड़ों महिलाओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। श्रद्धालुओं ने भिक्खुणी संघ के आगमन और धम्मदेसना का लाभ बड़े उत्साह के साथ लिया।
इस ऐतिहासिक आयोजन के बाद संपूर्ण 150 सदस्यीय भिक्खुणी संघ अजिंठा–वेरूल की यात्रा पर रवाना होगा। इसके पश्चात 5 जनवरी 2026 को बोरगांव मंजू, जिला अकोला में तथा 6 जनवरी 2026 को वलगांव, जिला अमरावती में पिंडपात और धम्मदेसना कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वलगांव में कार्यक्रम के साथ इस यात्रा का समापन होगा।
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इस आयोजन का संयोजन गौतम वाहणे और धम्मदास मुंदरखे ने किया। उपासिका सुनंदा वर ने बताया कि यह आयोजन अकोला जिले के लिए गौरवपूर्ण है और इससे बौद्ध धम्म की परंपरा को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।






