'शरद पवार की पार्टी में विलय कर लें अजित पवार', संजय राउत ने डिप्टी सीएम को क्यों दी ये नसीहत?

Maharashtra Politics: शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत अजित पवार पर तंज कसते हुए कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरदचंद्र पवार) में विलय हो जाना चाहिए।
Sanjay Raut said Ajit Pawar NCP should merge with party led by Sharad Pawar
शरद पवार, अजित पवार व संजय राउत (डिजानइ फोटो)
Published on
Updated on

Sanjay Raut Statement: शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की आंतरिक राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को अब शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरदचंद्र पवार) में विलय कर लेना चाहिए।

शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने अजित पवार की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब पुणे और पिंपरी चिंचवड में दोनों राकांपा गुट साथ चुनाव लड़ रहे हैं, तो अजित पवार को भाजपा नीत सरकार छोड़ देनी चाहिए।

पुणे और पिंपरी चुनावों का हवाला

राउत ने कहा कि पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका चुनावों में दोनों राकांपा गुटों का साथ आना इस बात का संकेत है कि पवार परिवार एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है। ऐसे में अजित पवार का भाजपा नीत महायुति सरकार में बने रहना समझ से परे है।

महायुति में रहते हुए आरोप क्यों?

राउत ने सवाल उठाया कि अजित पवार ने पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका में भाजपा शासित प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं, फिर भी वह उसी सरकार का हिस्सा क्यों बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और अजित पवार एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, जो सरकार की स्थिरता और नैतिकता पर सवाल खड़े करता है।

तो फिर सरकार में क्यों है अजित पवार?

पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि अगर अजित पवार को लगता है कि भाजपा शासित निकाय भ्रष्टाचार में डूबे हैं, तो फिर वे सरकार में क्यों हैं? उन्हें शरद पवार के पास वापस आ जाना चाहिए और राकांपा को मूल पार्टी में मिला देना चाहिए।

2023 में हुआ था राकांपा का विभाजन

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में अजित पवार ने अपने समर्थक विधायकों के साथ भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में प्रवेश किया था। इसके बाद राकांपा दो गुटों में बंट गई थी—एक शरद पवार के नेतृत्व में और दूसरी अजित पवार के नेतृत्व में। राउत ने दावा किया कि अजित पवार की राजनीतिक दिशा बदलती हुई नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि अजित पवार अब भाजपा के खिलाफ भ्रष्टाचार पर खुलकर बोल रहे हैं और पवार परिवार स्थानीय चुनावों में साथ नजर आ रहा है।

15 जनवरी को होंगे चुनाव

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगर पालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को गठबंधन के तहत लड़ रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में संजय राउत का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे रहा है। संजय राउत के बयान ने महायुति और राकांपा की अंदरूनी राजनीति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि अजित पवार इस राजनीतिक दबाव और गठबंधन संकेतों पर क्या रुख अपनाते हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com