मराठी तो बोलना ही होगा, जो भी ऐसा करने में नाटक करे उसे कान के नीचे एक बजाओ...

आज मुंबई में राज और उद्धव ठाकरे ने एक साथ मंच साझा किया और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। राज ठाकरे ने कहा कि बेवजह किसी को मत मारो, लेकिन अगर कोई ज्यादा नाटक करें तो कान के नीचे एक बजाओ।
राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे (pic credit; social media)
राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे (pic credit; social media)
Updated on

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन खास है। 20 साल बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ एक मंच पर दिखाई दिए। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (यूबीटी) ने राज्य सरकार द्वारा महाराष्ट्र पर कथित तौर पर हिंदी भाषा थोपे जाने का विरोध करने के लिए मुंबई में ‘आवाज मराठीचा’ नाम से संयुक्त सभा की। राज और उद्धव दोनों ने ही मराठी पर भाषण दिया और बीजेपी पर जमकर हमला बोला है। इस दौरान राज ठाकरे ने कहा कि मराठी तो बोलना ही होगा, जो भी ऐसा करने में नाटक करे उसे कान के नीचे एक बजाओ।

पीटो, तो उसका वीडियो मत निकालो

पिछले दिनों महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में व्यापारियों से मराठी न बोल पाने के कारण मारपीट की गई थी। इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इसके साथ ही सरकार ने ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। पूरे मामले पर राज ठाकरे ने कहा कि बेवजह किसी को मत मारो, लेकिन अगर कोई ज्यादा नाटक करता है, तो उसके कान के नीचे जरूर बजाओ और अगली बार जब किसी को पीटो, तो उसका वीडियो मत निकालो।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कई राजनीतिक दलों ने इसका विरोध किया था। तो कई आम लोगों ने भी इस तरह की मारपीट को गलत बताया था। यही कारण है कि मनसे कार्यकर्ता जमकर ट्रोल हुए थे। अब इस मामले पर राज ने साफ किया कि अगली बार मारपीट करें तो वीडियो न बनाएं ।

मराठी बोलने में नाटक करे तो तो कान के नीचे एक बजाओ

राज ठाकरे ने कहा कि चाहे गुजराती हो या कोई और हो उसे मराठी तो आनी ही चाहिए। अगर मराठी नहीं आती तो उसे पीटने की जरूरत नहीं है। ड्रामा करे तो कान के नीचे एक बजाओ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पिटने वाले व्यक्ति को जरूर बताए कि उसे पीटा गया है. आपको हर किसी को बताने की जरूरत नही है कि आपने किसी को पीटा है।

हमने अपनी मराठी भाषा किसी पर नहीं थोपी

राज ठाकरे ने सरकार पर जबरदस्ती हिंदी थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा हिंदी भाषी प्रांतों के लोग यहां रोजगार के लिए आते हैं और हमें कहते हैं कि हम हिंदी भाषा सीखें। उन्होंने कहा कि मराठा साम्राज्य हर जगह पहुंचा था, लेकिन क्या हमने मराठी भाषा किसी पर नहीं थोपी? इन लोगों ने हिंदी लागू करने का प्रयास सिर्फ यह जांचने के लिए किया कि क्या मुंबई को महाराष्ट्र से अलग किया जा सकता है। हम शांत हैं, इसका यह मतलब नहीं कि हम बेवकूफ हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com