
Minor Missing Case:सोलापुर में रिमांड होम (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Police News: अक्कलकोट तालुका का एक 16 वर्षीय लड़का सोलापुर स्थित एक रिमांड होम से लापता हो गया है। इस संबंध में सदर बाजार पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर किडनैप कर लिया है। खास बात यह है कि यही नाबालिग कुछ महीने पहले भी रिमांड होम से लापता हुआ था, जिससे रिमांड होम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिमांड होम में 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिग रहते हैं। इनमें वे बच्चे भी शामिल हैं जिनके माता-पिता नहीं हैं या जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, साथ ही वे नाबालिग भी यहां रखे जाते हैं जो किसी अपराध में शामिल रहे हैं। 10 जनवरी को दोपहर करीब 1:30 बजे यह नाबालिग रिमांड होम से लापता हुआ। बताया गया है कि उसके माता-पिता नहीं हैं और देखभाल करने वाला कोई न होने के कारण उसे रिमांड होम में रखा गया था।
रिमांड होम में बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी 58 वर्षीय सूर्यकांत माणिकराव देशमुख (निवासी: भूषणनगर, सोलापुर) पर है, जो वहां रेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी शिकायत के अनुसार, जब वे बाथरूम गए थे, उसी दौरान किसी ने नाबालिग को फूस लाकर कानूनी संरक्षण से बाहर निकाल लिया।
पुलिस के अनुसार, बच्चों को बगीचे में खेलने के लिए छोड़ा गया था। इसी दौरान निगरानी में चूक का फायदा उठाकर नाबालिग फरार हो गया। पुलिस का यह भी कहना है कि इससे पहले भी वह रिमांड होम से भाग चुका है और चार-पांच दिनों बाद वापस आ गया था। इसी आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह इस बार भी लौट सकता है।
हालांकि, उल्लेखनीय है कि इस घटना में रिमांड होम से केवल एक ही नाबालिग लापता हुआ है। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने अक्कलकोट सहित सभी पुलिस थानों में उसकी तस्वीर भेज दी है। इसके अलावा उसकी फोटो और जानकारी सोशल मीडिया पर भी साझा की जा रही है। मामले की जांच सदर बाजार पुलिस स्टेशन के पुलिस सब-इंस्पेक्टर प्रवीण पारडे कर रहे हैं।
सोलापुर के सखी वन स्टॉप सेंटर से एक विवाहिता के लापता होने का मामला भी सामने आया है। विवाहिता के माता-पिता गन्ना कटाई मजूर हैं और उन्होंने बेटी का विवाह कर दिया था। बताया गया है कि ससुराल में लगातार झगड़ों के कारण उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई थी।
ये भी पढ़े: Pune: छापे से पहले मिला टिप-ऑफ? सचिन घायवल फरार, महिला हिरासत में
पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवाद के चलते विवाहिता के माता-पिता 30 दिसंबर 2025 को उसे समुपदेशन के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर लेकर आए थे। वहां उसे छोड़कर वे अपने गांव लौट गए। हालांकि, 5 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे जब केंद्र के कर्मचारियों ने देखा, तो वह विवाहिता वहां मौजूद नहीं थी।
कर्मचारियों ने आसपास उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद सखी वन स्टॉप सेंटर के अधिकारियों ने सदर बाजार पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। समुपदेशन और संरक्षण के लिए बनाई गई सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी सुरक्षित जगह से विवाहिता का इस तरह लापता होना चिंता का विषय माना जा रहा है।






