इंदौर का 'भागीरथपुरा' मामला पहुंचा हाईकोर्ट; 23 मौतों के बाद एक्शन में अदालत, प्रशासन को सख्त निर्देश

Bhagirathpura Indore Case: इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने प्रशासन को हर गली तक साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

Contaminated Water Deaths Indore: इंदौर का भागीरथपुरा क्षेत्र इन दिनों एक बड़ी स्वास्थ्य त्रासदी और जल संकट से जूझ रहा है। दूषित पानी के कारण हो रही मौतों का मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। अदालत ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश जारी किए हैं।

इंदौर के भागीरथपुरा में फैले संक्रमण और पेयजल संकट को लेकर दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। जस्टिस शुक्ला और जस्टिस अवस्थी की खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन सिंह चंदेल, जो याचिकाकर्ता राकेश बैस की ओर से पैरवी कर रहे हैं, ने कोर्ट को क्षेत्र की भयावह स्थिति से अवगत कराया।

टैंकरों की खानापूर्ति पर कोर्ट की फटकार

सुनवाई के दौरान यह मुद्दा उठा कि प्रशासन द्वारा पानी के टैंकर तो भेजे जा रहे हैं, लेकिन वे केवल मुख्य सड़कों पर खड़े हो जाते हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि भागीरथपुरा की गलियां बहुत तंग और छोटी हैं, जिसके कारण पानी उन घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है जहाँ इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रशासन केवल औपचारिकता न करे, बल्कि यह सुनिश्चित करे कि पानी हर गली के अंतिम छोर तक पहुंचे।

मामले में हस्तक्षेप करते हुए कलेक्टर ने व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने कहा है कि प्रशासन हर गली में पानी पहुंचाने की व्यवस्था करेगा और उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहाँ अब भी आपूर्ति बाधित है। हालांकि, स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। याचिकाकर्ता के अनुसार, मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय जानकारी के आधार पर अब तक करीब 23 लोगों की मौत हो चुकी है।, कोर्ट ने इन मौतों की जानकारी को संज्ञान में लेते हुए अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने की संभावना जताई है।

संबंधित खबरें

No stories found.
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com