मुंबई के व्यापारी से 1 करोड़ 10 लाख रुपए की ठगी, कंबोडिया, म्यांमार कनेक्शन आया सामने

Cyber Fraud: मुंबई के व्यापारी विमल कुमार गोयनका से स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर 1 करोड़ 10 लाख रुपएकी धोखाधड़ी हुई। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने कोल्हापुर और पन्हाला में छापेमारी की गई।
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Fraud (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Solapur Crime: मुंबई के पवई के एक बिज़नेसमैन, विमल कुमार गोयनका से स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट के नाम पर 1 करोड़ 10 लाख रुपए की ठगी हुई। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न डिवीजन साइबर पुलिस टीम ने आधी रात को कोल्हापुर और पन्हाला में रेड मारकर दो लोगों को अरेस्ट किया।

बापट कैंप, कोल्हापुर से चेतन मुकुंद पडलकर (उम्र 29) और पन्हाला से दस्तगीर शमशुद्दीन काज़ी (उम्र 52) को पुलिस ने अरेस्ट किया है। बुधवार देर रात हुए इस ऑपरेशन से कोल्हापुर इलाके में हलचल मच गई है, और पता चला है कि कंबोडिया और म्यांमार से जुड़े एक इंटरनेशनल गैंग के तार कोल्हापुर तक भी पहुंच गए हैं।

धोखाधड़ी का जाल कैसे बुना गया?

एक इंटरनेशनल गैंग ने विमल कुमार गोयनका से व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए संपर्क किया। उन्होंने उन्हें डबल या ट्रिपल रिटर्न का वादा करके स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने का लालच दिया। शुरुआत में, ऐप पर बड़ी रकम जमा होने से वे मान गए। गोयनका ने 3 लाख रुपए निकाले और कन्फर्म किया; लेकिन बाद में अकाउंट ब्लॉक हो गया और टैक्स के डर से और पैसे मांगे गए। कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपएका पेमेंट होने के बाद, स्कैमर्स ने संपर्क काट दिया। धोखाधड़ी का एहसास होने पर, गोयनका ने मुंबई वेस्ट साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पैसे 40 अकाउंट में बांटे गए थे।

कोल्हापुर-पनाला में आधी रात को छापा

जांच में पता चला कि धोखाधड़ी के पैसे मुंबई, पुणे, कोल्हापुर समेत कई जगहों पर 40 बैंक अकाउंट में बांटे गए थे। पन्हाला के दस्तगीर काज़ी के अकाउंट में 7 लाख रुपए जमा किए गए थे। काज़ी पेशे से आइसक्रीम बेचने वाला है, जबकि चेतन पडलकर बैंकिंग एजेंट के तौर पर अकाउंट खोल रहा था। पडलकर ने काज़ी और दूसरों को अकाउंट दिए, जिनके जरिए फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर होने का शक है। जांच के दौरान, काज़ी के भाई इस्माइल को हिरासत में लिया गया था, लेकिन उसे बाद में छोड़ दिया गया।

आधी रात को अलग-अलग ऑपरेशन

मुंबई वेस्ट साइबर पुलिस के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर नितिन गच्छे, विजय घोरपड़े और संग्राम जाधव की टीम ने लोकल शाहूपुरी और पन्हाला पुलिस की मदद से बुधवार आधी रात को रेड मारी। पन्हाला में मुस्लिम स्ट्रीट में काज़ी के घर और बापट कैंप में संत गोरोबा कुंभार कॉलोनी में पडलकर के घर पर एक साथ ऑपरेशन चलाए गए। पेशे से इंजीनियर पडलकर की गिरफ्तारी से उसका परिवार सदमे में है।

दोनों को शाहूपुरी पुलिस स्टेशन ले जाया गया और परिवार को सूचना देकर सुबह मुंबई के लिए रवाना कर दिया गया। इस बीच, गैंग के लिंक कंबोडिया और म्यांमार तक फैले हुए हैं और और भी संदिग्धों के नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अकाउंट को धोखाधड़ी के लिए न दें। जांच जारी है और अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।

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