NCP Pandharpur Politics (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
NCP Ajit Pawar Group Internal Rift: पंढरपुर की राजनीति में उस समय बड़ा उबाल आ गया जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के भीतर ही ‘भितरघात’ के आरोप लगने शुरू हो गए। पंढरपुर-मंगलवेधा निर्वाचन क्षेत्र से राकांपा विधायक अभिजीत पाटिल पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपनी ही पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार को हराने के लिए पर्दे के पीछे से विरोधियों की मदद की। स्थानीय चुनाव के नतीजों के बाद यह विवाद अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच गया है।
सरकोली निर्वाचन क्षेत्र (गण) से राकांपा (अजित पवार गुट) ने वर्षा दीपक भोसले को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था और उन्हें ‘एबी फॉर्म’ (AB Form) भी जारी किया था। हालांकि, चुनाव परिणामों में वर्षा भोसले को हार का सामना करना पड़ा और वहां स्थानीय गठबंधन का उम्मीदवार विजयी रहा। इस हार के बाद वर्षा के पति और रयत क्रांति संगठन के नेता दीपक भोसले ने विधायक अभिजीत पाटिल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
दीपक भोसले ने विधायक अभिजीत पाटिल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने अपने निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए पार्टी के साथ गद्दारी की है। भोसले का दावा है कि विधायक पाटिल ने अपनी पत्नी को ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ाने के बावजूद, सरकोली में भालके के स्थानीय गठबंधन के उम्मीदवार को गुप्त रूप से समर्थन और रसद मुहैया कराई। उन्होंने इसे “पीठ में खंजर घोंपने वाला राजकारण” करार दिया और कहा कि विधायक की इस दोहरी भूमिका के कारण ही पार्टी की हार हुई है।
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इस भितरघात से नाराज दीपक भोसले ने अब इस मामले को राज्य स्तर पर उठाने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे विधायक अभिजीत पाटिल की इस संदिग्ध कार्यप्रणाली की शिकायत सीधे राकांपा नेता सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे से करेंगे। भोसले का मानना है कि यदि पार्टी के विधायक ही आधिकारिक उम्मीदवारों को हराने का काम करेंगे, तो संगठन का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
अभिजीत पाटिल के खिलाफ इन आरोपों ने अजित पवार गुट के भीतर की गुटबाजी को उजागर कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंढरपुर में स्थानीय वर्चस्व की लड़ाई के चलते विधायक पाटिल ने संभवतः विरोधियों के साथ कोई गुप्त समझौता किया था। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार और पार्टी का अनुशासन विभाग अपने विधायक के खिलाफ इस गंभीर शिकायत पर क्या कड़ा रुख अपनाता है।