अकोला में आयोजित शिवसेना यूबीटी की बैठक में मौजूद विधायक नितिन देशमुख व अन्य (फोटो नवभारत)
India-US Trade Agreement Protest: भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार करार को लेकर सियासत गरमा गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने इस समझौते को कृषि क्षेत्र के लिए ‘विनाशकारी’ बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है। इस करार के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए पार्टी ने 26 फरवरी को सुबह 11 बजे अकोला जिले में एक साथ 53 स्थानों पर ‘रास्ता रोको’ आंदोलन करने का ऐलान किया है।
इस बड़े आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए अकोला के सरकारी विश्रामगृह में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिवसेना यूबीटी उपनेता एवं विधायक नितिन देशमुख ने की। देशमुख ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह व्यापार समझौता भारतीय किसानों की कमर तोड़ देगा और कृषि उत्पादों के भाव को प्रभावित करेगा। बैठक में जिला प्रमुख गोपाल दातकर, सेवकराम ताथोड, मंगेश काले, पूर्व विधायक संजय गावंडे सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
शिवसेना (UBT) ने अकोला की सातों तहसीलों में व्यापक विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। पार्टी का दावा है कि इस बड़े विरोध प्रदर्शन से सरकार को व्यापार करार पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। आंदोलन का स्वरूप कुछ इस प्रकार रहेगा।
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आंदोलन की चर्चा के बीच, बैठक में संगठन को मजबूती देने पर भी जोर दिया गया। अकोट और बालापुर नगर परिषद सहित महानगर पालिका के नवनिर्वाचित पार्षदों का सार्वजनिक सत्कार किया गया। इसी कार्यक्रम के दौरान सकलेन खान पठान और कृष्णा साठे ने अपने समर्थकों के साथ शिवसेना (UBT) का दामन थामा, जिसे आगामी स्थानीय चुनावों से पहले पार्टी की मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है।