चीतल का शिकार करने वाले आरोपी गिरफ्तार (फोटो नवभारत)
Chamoshi Chital Hunting Case: महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले से वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। चामोर्शी तहसील के अंतर्गत आने वाले भाडभीडी उपवन क्षेत्र के रेखेगांव जंगल परिसर में शिकारियों ने एक बेगुनाह चीतल को अपना निशाना बनाया। हालांकि, वन विभाग की मुस्तैदी के कारण शिकारी भागने में नाकाम रहे और विभाग के दस्ते ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, चामोर्शी वनपरिक्षेत्र के अधिकारियों को रेखेगांव जंगल में चीतल के शिकार की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग ने बिना समय गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया। जब टीम ने जंगल में छापा मारा, तो आरोपी शिकार किए गए चीतल के मांस और खाल के साथ मौजूद थे।
वन विभाग ने घटनास्थल से जिन चार आरोपियों को हिरासत में लिया है, वे सभी रेखेगांव के निवासी बताए जा रहे हैं। आरोपियों में राजीव कांदो, वैभव तिमा, नरथ कोवासे, संतोष हेडा शामिल है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से चीतल का ताज़ा मांस और खाल जब्त की गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन्हें अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या ये आरोपी पहले भी शिकार की वारदातों में शामिल रहे हैं या इनका किसी बड़े शिकारी गिरोह से संबंध है।
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यह सफल ऑपरेशन चामोर्शी के वनपरिक्षेत्र अधिकारी आर. बी. इनवते के कुशल मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। इस दस्ते में भडभीडी के क्षेत्रसहाय्यक वी. एस. चांदेकर, वनरक्षक आर. बी. राऊत, धानोरकर कुलेटी, दंडिकवार और शामराव आडे जैसे समर्पित वनकर्मी शामिल थे।
गड़चिरोली का यह इलाका घने जंगलों और जैव विविधता के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में शिकार की बढ़ती घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।